शहद को इस्तमाल करने के नियम (The Right Way to Use Honey)

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नमस्ते दोस्तों मेरा आज का आर्टिकल शहद को इस्तमाल करने के नियम(The Right Way to Use Honey)पर है। शहद तो सभी इस्तमाल करते है ये हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा होता है।

शहद का इस्तमाल बच्चे, बूढ़े और जवान सभी उम्र के लोग कर सकते है।लेकिन इसका इस्तमाल किस तरह करना चाहिए उसके बारे में जानना बहुत ही आवश्यक है। 

ज्यादा तर लोगो को इसका इस्तमाल किस तरह करना चाहिए पता होगा पर बहुत से ऐसे लोग भी होंगे जो की नहीं जानते होंगे की शहद का इस्तमाल करने के नियम क्या होते है। 

एक बात बहुत ही आवश्यक है की शहद को गर्म करके गर्म पदार्थ के साथ ग्रीष्म ऋतु में नहीं लेना चाहिए और गरिष्ठ पदार्थो के साथ नहीं लेना चाहिए। क्योकि ये हानिकारक होता है। 

  • शहद को अगर गर्मियों में ले रहे है तो ठंडे दूध या पानी में मिलाकर लेना चाहिए।अगर सर्दियों में ले रहे है तो शहद को गर्म अथवा गुनगुने दूध या पानी में लेना चाहिए। 
  • जिनको अपना मोटापा कम करना है उन्हें प्रतिदिन प्रातःकाल शौच जाने से पहले 1 गिलास ठंडे पानी में 1 टेबल स्पून शहद मिलाकर पीना चाहिए। 
  • शहद को बिना किसी पदार्थ में डाले सेवन नहीं करना चाहिए क्योकि शहद की तासीर गर्म होती है।
  • शहद को कुछ पदार्थो के साथ नहीं लेना चाहिए जैसे शक़्कर, मिश्री, खांड, गुड़,तेल, घी, पका हुआ कटहल, मछली अंडा, मांस आदि के अलावा गर्म दवाओं और गर्म पदार्थो के साथ शहद को नहीं लेना चाहिए। 
  • शहद के साथ कभी भी बराबर मात्रा में घी मिलाकर नहीं खाना चाहिए।शहद और पानी भी समान मात्रा में नहीं लेना चाहिए। 
  • शहद के साथ घी की मात्रा आधी या चौथाई होनी चाहिए और पानी के साथ शहद की मात्रा अधिक या चौगुनी  होनी चाहिए तभी इसका सेवन करना चाहिए। 
  • जिनको अपना दुबलापन दूर करना है।उनको रोज रात को 1 गिलास ठंडे दूध में एक टेबल स्पून शहद मिलाकर पुरे शीतकाल में पीना चाहिए।
  • इससे दुबलापन दूर होता है और शरीर मोटा और सुडोल बनता है।त्वचा का रंग भी साफ होता है और चेहरे पर कान्ति और लालिमा बढ़ती है। 
  • जो अधिक शारीरिक और मानसिक परिश्रम करते है।उनको सर्दीयो में रात को सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध में 1 टेबल स्पून शहद मिलाकर पीना चाहिए। 
  • शहद में यह विशेष गुण है की ये जिस भी पदार्थ के साथ मिलता है उसी का गुण ग्रहण कर लेता है।इसके  सम्पर्क में रहने वाला पदार्थ सड़ता या खराब नहीं होता है। 
  • इसीलिए शहद को योगवाही कहा जाता हैऔरऔषधि सेवन हेतु इसे अनुपान की जगह प्रयोग किया जाता है। 
  • आयुर्वेद के नियम अनुसार अगर शहद का सेवन सही ढंग तरीके से किया जाये तो ये बहुत ही लाभकारी होता है और गलत तरीके से इसका सेवन किया जाये तो हानिकारक सिद्ध होता है। 

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