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Showing posts from June, 2019

ह्रदय (दिल) को स्वस्थ रखने के घरेलू उपचार | Home Remedies For Healthy Heart

आजकल की लाइफ स्टाईल सबसे बड़ा कारण है हार्ट प्रॉब्लम का इसलिए सबसे पहले अपनी लाइफ स्टाइल को सही करना अतिआवश्यक है।समय से उठना समय से खाना और समय से सोना अतिआवश्यक है।ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है की पौष्टिक भोजन करें, तनाव और क्रोध से दूर रहें, मॉर्निंग वॉक पर जाए और हो सके तो मेडिटेशन भी जरूर करें।
ह्रदय (दिल) को स्वस्थ रखने के घरेलू उपचार एक आधा छोटा चम्मच अगर का चूर्ण और एक चम्मच शहद को मिलाकर सुबह या शाम एक टाइम लेने से ह्रदय स्वस्थ होता है और ह्रदय की दुर्बलता दूर होती है। 500 मिली दूध में 10 ग्राम गुड़ व 10 ग्राम अर्जुन की छाल का चूर्ण मिलाकर एक बर्तन में पका लें और इसे रत को सोते समय पिए इससे ह्रदय स्वस्थ रहता है और इसे पीने से ह्रदय की दुर्बलता भी दूर होती है। मिश्री और आंवला को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को 5 ग्राम की मात्रा में रोज सेवन करने से ह्रदय संबंधी समस्त रोग दूर होते है। ह्रदय (दिल) के रोगी को भोजन को नियमित रूप से लेना भी सबसे बड़ा घरेलू उपचार है। अगर ह्रदय रोगी का वजन ज्यादा हो तो सबसे पहले उसे अपना वजन कम करना चाहिए।ह्रदय रोगी को उपवा…

विटामिन ' डी ' की कमी से होने वाली बीमारियां, विटामिन ' डी ' की उपयोगिता और प्राप्ति के साधन

विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी तत्व है।ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक है।विटामिनयुक्त भोजन लेने से हमारे शरीर में संतुलन बना रहता है और अंग स्वस्थ रहते है।इनकी कमी से कई प्रकार के रोग हो जाते है।भोजन पचाने और शरीर को शक्ति देने में यह बहुत सहायक है।
विटामिन ' डी ' की उपयोगिता और प्राप्ति के साधन  विटामिन ' डी ' में दो तरह के अलग-अलग रासायनिक तत्व है।यह दोनों तत्व सूर्य की किरणों के प्रभाव से परिवर्तित होकर निर्मित होते है।पहला तत्व वनस्पति से निर्मित होता है और दूसरा जीवित व्यक्तियों की त्वचा में।इन दोनों तत्वों के सम्मिलित रूप को विटामिन ' डी ' की संज्ञा दी गई है।वसा के कणों के साथ इसका भी आंतो में अवशोषण होता है और लीवर, गुर्दे, एड्रिनल ग्रंथि तथा अस्थियों में संचय होता है।यहां से जरूरत के अनुसार शरीर के अवयवों की कोशिकाओं में प्रवेश करता रहता है।विटामिन ' डी ' न तो ऑक्सीजनीकरण से नष्ट होता है और न पकाने से।

विटामिन ' डी ' की उपयोगिता :यह विटामिन खून में कैल्शियम की मात्रा को नियमित रखता है और खून में क्षारीय फॉसफेरेज
एंजाइम को निय…

विटामिन ' के ' की कमी से होने वाली समस्याएं, उपयोगिता और प्राप्ति के साधन

विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी तत्व है।ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक है।विटामिनयुक्त भोजन लेने से हमारे शरीर में संतुलन बना रहता है और अंग स्वस्थ रहते है।इनकी कमी से कई प्रकार के रोग हो जाते है।भोजन पचाने और शरीर को शक्ति देने में यह बहुत सहायक है।
 विटामिन ' के ' की  उपयोगिता और प्राप्ति के साधन  विटामिन ' के ' हमारे लिए उतना ही जरूरी है जितना की जीवित रहने के लिए हमारा सांस लेते रहना।यह विटामिन सूर्यताप और प्रकाश से नष्ट हो जाता है।पर यह आंतो में निर्मित होता रहता है।इसलिए इसकी आवश्यकता बहुत कुछ अपने आप पूरी होती रहती है। 
विटामिन ' के ' की उपयोगिता :विटामिन ' के ' रक्त को जमाने का काम करता है।अगर इस विटामिन की कमी हो जाये तो रक्तस्त्राव (खून का बहाव) को रोकना मुश्किल हो जाता है।ये विटामिन लीवर को भी स्वस्थ रखता है।यह ग्लूकोज को कोशिकाओं की झिल्ली में प्रवेश कराने में और ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में परिवर्तित करने में भी मददगार होता है। 
प्राप्ति के साधन : विटामिन ' के ' हरी साग-सब्जियों, अंडे की जर्दी, टमाटर, सोयाबीन, आलू, गोभी, छिलके…

विटामिन ' ए ' से होने वाले स्वास्थ्य लाभ

विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी तत्व है।ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक है।विटामिनयुक्त भोजन लेने से हमारे शरीर में संतुलन बना रहता है और अंग स्वस्थ रहते है।इनकी कमी से कई प्रकार के रोग हो जाते है।भोजन पचाने और शरीर को शक्ति देने में यह बहुत सहायक है।
विटामिन ' ए ' से होने वाले स्वास्थ्य लाभ  इसे " वृद्धिकारक विटामिन " विटामिन भी कहा जाता है।यह शरीर में कैरोटीन नामक पदार्थ से बनता है।कैरोटीन वनस्पतियों से हमारे शरीर में पहुंचता है।यह कैरोटीन शरीर में पहुंचकर रस विशेष द्वारा विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है। 
विटामिन ' ए ' की प्राप्ति के साधन : दूध, अंडा, मक्खन,हरी सब्जियां, पपीता, आम, गाजर, टमाटर, ताजे फल, काजू, बादाम, अखरोट।  शरीर की वृद्धि के लिए विशेषकर छोटे बच्चों तथा गर्भस्थ शिशुओं के लिए यह बहुत जरूरी है।इसकी कमी होने से पूर्ण विकास में बाधा पड़ती है। विटामिन ' ए ' आँखों को लाभ पहुंचाता है इसकी कमी होने से आंखे कमजोर हो जाती है। त्वचा के कोषों को भी विटामिन ' ए ' की आवश्यकता होती है।यह त्वचा की कोमलता और स्निग्धता को बनाए रखता…

सामान्य सिरदर्द दूर करने के 5 घरेलू उपचार | 5 Natural Home Remedies to Cure Headache

दोस्तों आज में आपको इस आर्टिकल में सामान्य सिरदर्द दूर करने के 5 घरेलू उपचार बताउंगी।ये बहुत ही इजी उपचार है और लाभकारी भी है।ये उपचार मेरी दादी-नानी के बताये हुए है।जो की में आप लोगों के साथ शेयर कर रही हूँ।
1 कप दूध में पीसी इलायची मिलाकर पीने से सिरदर्द में आराम मिलता है। अगर तेज गर्मी की वजह से सिरदर्द हो तो तुलसी के पत्तो को पीसकर सिर पर लेप करने से राहत मिलती है। अगर सिरदर्द गैस की वजह से है तो गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने से सिरदर्द दूर होता है। अगर सिरदर्द सर्दी जुकाम की वजह से है तो साबूत धनिया और मिश्री का काढ़ा बनाकर पीने से जल्द आराम मिलता है। गुड़ को पानी में घोलकर फिर छान लें और इस पानी को पी ले इससे भी सिरदर्द में आराम मिलता है। ये भी देखें :दांत दर्द में घरेलू उपचार 

अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें उपचार का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें।धन्यवाद 😊😊

खुजली (खारिश) रोकने के घरेलू उपचार | Home Remedies For Itching

आज में अपने इस आर्टिकल में आपको खुजली रोकने के घरेलू उपचार बताउंगी जो की बहुत लाभकारी है।अगर आपको  खुजली हो तो आप घर पर ही इन उपायों का प्रयोग कर सकते है।  तिल के तेल को थोड़ा गर्म करके रोज मालिश करने से कुछ ही दिनों में खुजली होना बंद हो जाती है। 1 टमाटर के रस में ताजे नारियल का रस मिलाकर मालिश करने से खुजली होना बंद हो जाती है। दूध और पानी बराबर मात्रा में मिलाकर थोड़ी सी रुई की सहायता से खुजली होने के स्थान पर लगाए और थोड़ी देर बाद स्नान कर लें।इससे भी खुजली होना बंद हो जाती है। सरसों के तेल में साबुत लाल मिर्च और अजवायन डालकर पकाले और ठंडा होने पर छान लें। अब इस तेल को खुजली वाली जगह पर हल्के हाथों से मालिश करें या इस तेल को लगा लें।इस तेल से जल्दी आराम मिलता है। नींबू के रस में सरसों और हल्दी पीसकर उबटन तैयार कर ले।अब इस उबटन को खुजली वाली जगह लगाकर छोड़ दे जब ये सुख जाये तो ठंडे पानी से धो ले।इस उबटन से खुजली होना बंद हो जाता है। खुजली वाली जगह पर चमेली का तेल लगाने पर भी आराम मिलता है। अरहर की दाल को दही के साथ पीसकर उसका पेस्ट बना ले और इस पेस्ट को खुजली के स्थान पर लगाए।इससे …

नानखटाई बनाने की विधि | Nankhatai In Oven's Convection Mode

सामग्री आधा कप मेदा 1/4 कप बेसन 1/4 कप सूजी (रवा)चुटकी भर नमक आधा टीस्पून बेकिंग पाउडर आधा कप चीनी (पीसी हुई)आधा टीस्पून इलायची पाउडर आधा कप शुद्ध घी बादाम कटे हुए  नानखटाई बनाने की विधि | Nankhatai In Oven's Convection Mode सबसे पहले एक बाउल में घी और चीनी डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। अब इस मिक्सचर में मेदा, सूजी, बेसन, इलायची पाउडर, नमक और बेकिंग पाउडर मिलाकर डो तैयार कर लेंगे। अब इस डो के छोटे-छोटे पेड़े बना लें और चाकू से पेड़े के ऊपर दो साइड से कट का निशान बना दे और कटे हुए बादाम ऊपर रख दे। माइक्रोवेव ओवन को 200 डिग्री पर प्रीहीट कर ले। अब ओवन की ट्रे में इन पेड़ों को रख दे। अब इस ट्रे को 180 डिग्री पर 15 मिनट के लिए कन्वेक्शन mode पर Bake कर लें। अब ओवन से ट्रे को निकाले और नानखटाई बनकर तैयार है। इसे आप ठंडा होने पर किसी एयरटाइट डिब्बे में रखें। नोट: घी की जगह आप मक्खन का भी यूज कर सकते है।ध्यान रहे की आप जितना घी डालो उतना ही चीनी डालो।आप ड्राईफ्रूट कोई सा भी डाल सकते हो और ये डालना जरूरी नहीं है। 
ये भी देखें: आटे का हलवा बनाने की विधि 
आपने मेरे इस आर्टिकल को पड़ा इसके लिए…

कंम्प्यूटर रिलेटेड प्रश्न/उत्तर | Computer Related Questions/Answers

प्रश्न:(1)  कंप्यूटर के अविष्कारक कौन थे ?
उत्तर:(1)  चार्ल्स बैबेज
प्रश्न:(2) CPU और I/O के बीच सिग्नलों के मूवमेंट को कौन नियंत्रित करता है ? उत्तर:(2)  कंट्रोल यूनिट
प्रश्न:(3) CPU का पूर्ण रूप क्या है ? उत्तर:(3) Central Processing Unit
प्रश्न:(4) सबसे पहले कंम्प्यूटर का नाम क्या था ? उत्तर:(4) ENIAC
प्रश्न:(5) किसी कंम्यूटर के प्रोग्राम में बच्चों द्वारा प्रयुक्त भाषा प्रायः कौन सी होती है ? उत्तर:(5) लोगो
प्रश्न:(6) CPU में कंट्रोल, मेमोरी और तीसरा कौन सा यूनिट होता है ? उत्तर:(6) अर्थमैटिक/लॉजिक
प्रश्न:(7) आधुनिक कंम्प्यूटर की खोज सर्वप्रथम कब हुई थी ? उत्तर:(7) 1946 
प्रश्न:(8) मेगाबाइट (MB) कितने बाइट के बराबर होते है ? उत्तर:(8) 1024 KB 
प्रश्न:(9) कंप्यूटर साक्षरता दिवस कब मनाया जाता है ? उत्तर:(9) 2 दिसम्बर  
प्रश्न:(10) USB का फूल फॉर्म क्या है ?
उत्तर:(10) यूनिफार्म सिरियल बस 

ये भी देखे :Full Forms of Some Important Abbreviations
आपने इस आर्टिकल को पढ़ा इसके लिए आपका धन्यवाद करते है | कृपया अपनी राये नीचे कमेंट सेक्शन में सूचित करने की कृपा करें | 😊😊

योग से शरीर का स्वास्थ्य तथा मन की शांति कैसे प्राप्त होती है ?

नाड़ी-संस्थान तथा मस्तिष्क को स्वस्थ व शांत रखने के लिए योग के अतिरिक्त अन्य कोई मार्ग नहीं है।मन मस्तिष्क को स्वस्थ रखें बिना आप शरीर को स्वस्थ नहीं रख सकते है।विज्ञान ने आज इतनी उन्नति की है, फिर भी व्यक्ति आज जितना दुखी है उतना पहले कभी नहीं था।

प्रकृति का एक नियम है की सुविधा देने से सुविधा मिलती है।सुख देने से सुख मिलता है, दान देने से धन मिलता है।यदि दूसरा असुविधा में होगा, तो आपको सुविधा मिलना असंभव है।यदि दूसरा दुःखी होगा, तो आपको सुख मिलना मुश्किल है।यह समझने के लिए योग करने की आवश्यकता है।इसलिए हमारे शास्त्रों में प्रतिदिन ऐसी प्रार्थना करने पर बल दिया गया है।
ॐ असतो मा सद्द गमय - ॐ तमसो मा ज्योतिर्गमय - ॐ मृत्योर्मा  अमृतं गमय। अर्थ : हे प्रभु मुझे असत्य से सत्य की और ले चलो, अंधेरे से प्रकाश की और ले चलो, मौत से अमृत की ओर लें चलो।  सर्वेषां स्वसितर भवतु - सर्वेषां शांतिभ्रावतु - सर्वेषां मंगलम भवतु -सर्वेषां पूर्ण भवतु - लोकाः समस्ताः सुखिनो भवंतु।    अर्थ : सब शांत हो, सब को शांति मिले, सब का मंगल हो, सब को पूर्णता मिले, पूरा संसार सुखी हो। सर्वे भवन्तु सुखिन : - सर्वे संत…

पनीर टिक्का बनाने की विधि | Paneer Tikka Recipe

सामग्री 300 ग्राम पनीर (टुकड़ो में काट लें)1 बड़ी शिमला मिर्च (टुकड़ो में काट लें)1 प्याज (टुकड़ो में काट ले)1 टमाटर (टुकड़ो में काट लें) मेरिनेड  1 कप दही (मलमल के कपड़े में 30 मिनट के लिए बांधकर लटका दें।  3 बड़े चमच्च मलाई या क्रीम  चुटकी भर ऑरेंज रंग  2 चम्मच तेल  1 बड़ा चम्मच कार्नफ्लोर  1/2 छोटा चम्मच अमचूर  1/2 छोटा चम्मच काला नमक
1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
3/4 छोटा चम्मच नमक
1 बड़ा चम्मच तंदूरी मसाला
1 बड़ा चम्मच अदरक लहसुन पेस्ट
पनीर टिक्का बनाने की विधि | Paneer Tikka Recipe मेरिनेड की सारी सामग्री को बाउल में मिला लें। पनीर डाले और अच्छे से मिलाये। ग्रिल रेक को तेल से चिकना करें।पनीर को चिकने रेक पर रखें या तंदूरी स्टिक पर लगाए।बचे हुए मेरिनेड में शिमला मिर्च, टमाटर और प्याज को अच्छे से मिला ले। सब्जियों को भी रेक पर रखें या स्टिक पर लगाए। माइक्रोवेव ओवन को कन्वेक्शन पर 200 डिग्री तापमान पर प्रीहीट करें। अब गरम् ओवन में टिक्के रखें। ओवन को 15 मिनट के लिए 200 डिग्री पर सेट करें। टिक्को को 15 मिनट के लिए पकाये। अब थोड़ा सा पिघला हुआ मक्खन टिक्को पर डालकर 3-4 मिनट के लिए …

रोग और उसका सही निदान (कारण)

रोग का उपचार करने से पहले उसकी सही पहचान हो जानी बहुत आवश्यक है। इससे रोग की गंभीरता का पता चल जाता है और उसका उपचार सही तरीके से हो पाता है। यह इसलिए भी जरूरी है की कई बार रोग की दशा इतनी गंम्भीर हो चुकी होती है की उसके उपचार की आवश्यकता तुरन्त होती है।जांच से पता चल जाता है की ऑपरेशन जरूरी है या दवाई से ही ठीक हो जायेगा।

रोगी की दशा ऐसी होनी चाहिए कि सहज स्वाभाविक ढंग से योग तथा प्राकृतिक उपचार चलाया जा सके, क्योकि योग उपचार धीरे-धीरे प्रभाव डालता है और स्वस्थ होने में समय लगता है। इसमें धैर्य की भी आवश्यकता होती है।योग चिकित्सा उपचार करने के लिए अधिक बारीकी के टेस्टों व जांच की आवश्यकता नहीं पड़ती, क्योकि इस उपचार से पूरे शरीर की सफाई करके उसे शिथिल किया जाता है, ताकि शरीर की अपनी रोगो उपचार की शक्ति को जगाया जा सके और रोगी स्वस्थ हो जाये।

आजकल सब प्रकार के टेस्ट करवा लेने की सुविधाएं उपलब्ध है। इसलिए किसी अच्छे अनुभवी डाक्टर की देखरेख में आवश्यक जांच करवा लेनी चाहिए।रोग की गंभीरता का बहुत कुछ पता ह्रदय की धड़कन, श्वास की गति, जुबान के रंग, त्वचा की खुश्की, आंखो की चमक, चेहरे की घ…

भोजन करने के आवश्यक नियम

भोजन करने से हमें शक्ति मिलती है।भोजन शरीर की रक्षा का साधन है। भोजन पौष्टिक, विटामिन तथा खनिज लवणों युक्त जल्दी पचने वाला आहार है। इसे उचित मात्रा में ग्रहण करना चाहिए।तभी शरीर स्वस्थ रह सकता है।
भोजन ताजा ही करना चाहिए।लेकिन भोजन बनाकर रखना पड़े तो उसे स्वच्छ स्थान पर ढककर रखें और जब खाना हो तब भोजन को गरम् कर लेना चाहिए। बाजार से कभी भी खुली वस्तुएं, जिन पर मक्खी, मच्छर आदि बैठते हो नहीं खानी चाहिए। जब पूरी भूख हो तभी भोजन करना चाहिए। भोजन करने के बाद या पहले अधिक शारीरिक और मानसिक श्रम नहीं करना चाहिए। भोजन करने के बाद थोड़ी देर आराम कर लें या बाई करवट लेट जाएं।इससे पाचन क्रिया सुविधापूर्वक होगी। सप्ताह में एक समय या एक दिन उपवास या फलाहार लेना ही रोगों से बचने का सरल उपाय है। केवल उतना ही भोजन करना चाहिए जितनी भूख हो। दोपहर का भोजन हल्का और रात का भोजन भारी ले सकते है, क्योंकि दिनभर काम करने से शरीर की शक्ति काम में लगी रहती है और भोजन पच नहीं पाता।रात के भोजन करने के कुछ समय बाद ही सोना अच्छा रहता है। इससे पूरी शक्ति खाना पचाने में लगती है। भोजन करते समय पूरा ध्यान भोजन की तरफ र…

पालक पनीर बनाने की विधि | Palak Paneer Recipe

तैयारी का समय :10-12 मिनट 
बनाने का समय : 40-60 मिनट 
सर्विंग साइज : 6 बाउल 
सामग्री 1 किलो पालक 200 ग्राम पनीर के कटे हुए पीस (शुद्ध घी में नॉनस्टिक तवे पर फ्राई किया हुआ)2 प्याज (बारीक़ कटे हुए)3-4 (टमाटर बारीक़ कटे हुए)3-4 लहसुन (बारीक़ कटा हुआ)2 टीस्पून गरम मसाला 1 छोटा चम्मच जीरा हींग चुटकी भर 1 टीस्पून हल्दी 1 टीस्पून धनिया पाउडर 1 टीस्पून जीरा पाउडर 3-4 लौंग किचन किंग मसाला शुद्ध घी आवश्कतानुसार 2 चम्मच क्रीम या मलाई फिटी हुई पानी आवश्कतानुसार  पालक पनीर बनाने की विधि  सबसे पहले पालक की डंडिया काट कर पालक को अच्छी तरह से धो लें। अब एक कुकर में पालक डाले और थोड़ा पानी डालकर 1 सिटी लगाकर उबाल लें।जब पालक उबल जाये तो कुकर का ढकन हटाकर पालक को थोड़ा ठंडा होने दे। इसके बाद कुकर में ही ब्लेंडर चलाकर पेस्ट बना ले या मिक्सी में पीस ले।(मिक्सी में पिसते समय पालक बिल्कुल गरम् नहीं होनी चाहिए)अब एक कड़ाही में घी डालकर गर्म करें अब इसमें हींग, लहसुन, जीरा, लौंग, डाले जब ये हल्का ब्राउन हो जाए तो इसमें कटे हुए प्याज डालकर अच्छी तरह भुने प्याज भुनने के बाद टमाटर डाले अब नमक, हल्दी, जीरा पाउडर, …

आटे के लडडू बनाने की विधि | Atta Laddoo Recipe

सामग्री 2 कप आटा 100 ग्राम सफेद तिल 1/2 कप सूजी गुड़ आवश्यकतानुसार 1 टीस्पून सोंठ 8-10 बादाम 8-10 काजू 50 ग्राम नारियल बुरादा शुद्ध घी आवश्यक्तानुसार 2 टीस्पून चिरोंजी पानी आवश्यक्तानुसार  आटे के लडडू बनाने की विधि सबसे पहले एक कड़ाही में आटा भून ले और अलग बर्तन में निकाल ले। अब सारे ड्राईफ्रूट कड़ाही में भून ले व इसे मिक्सी में दरदरा पीस ले और एक बर्तन में निकाल ले। अब तिल को भी हल्का सा भून ले और अलग बर्तन में निकाल ले। अब एक बर्तन में गुड़ की चासनी बना ले और इसमें सोंठ डाले। अब एक कड़ाही में घी गर्म करे और इसमें आटा, ड्राईफ्रूट, तिल को डालकर धीमी आंच पर मिक्स करे और इसमें गुड़ की चासनी को डाल कर फिर मिक्स करे। जब सारा मिश्रण अच्छी तरह मिक्स हो जाये तो तुरन्त गैस बन्द कर दे और इस मिश्रण को एक बाउल में निकाल ले और थोड़ा मिश्रण मुट्ठी में लेकर बॉल की शेप में लडडू बना ले।नोट : ध्यान रखें की मिश्रण को ठंडा न होने दे थोड़ा गर्म मिश्रण में ही लडडू बनाये नहीं तो लडडू सही नहीं बनेंगे और अगर घी की मात्रा कम होगी तब भी लडडू नहीं बनेंगे।इसलिए हमेशा ख्याल रखें किसी भी तरह के लडडू बनाये तो मिश्…