मावा (खोया) और नारियल के लडडू बनाने की विधि | Coconut Laddoo Recipe

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इस आर्टिकल में आपको मै मावा और नारियल के लडडू बनाने की विधि बताऊगी। ये आसानी से घर पर बन जाते है और खाने में भी स्वादिष्ट व पौष्टिक होते है।नारियल पानी हो या नारियल ये तो वैसे भी स्किन के लिए फायदेमन्द होता है।नारियल हर तरह से काम आता है।

नारियल लड़डू की क्वांटिटी : 10-12 
तैयारी का समय : 3-4 मिनट 
बनाने का समय : 10-15 मिनट

सामग्री 

  • 100 ग्राम नारियल का बुरादा 
  • 200 ग्राम मावा (खोया)
  • 1 टीस्पून दूध 
  • 1 टीस्पून शुद्ध घी 
  • पीसी चीनी आवश्यकतानुसार  

मावा (खोया) और नारियल के लडडू बनाने की विधि | Coconut Laddoo 

  • सबसे पहले नॉनस्टिक फ्राईपैन में घी डाले जब घी थोड़ा सा गर्म हो जाये तब इसमें नारियल का बुरादा डालकर 1-2 मिनट भून ले। 
  • अब इसमें एक चम्मच दूध डाले और अब मावा डालकर हल्का सा भून ले। 
  • अब इस मिक्सचर को किसी प्लेट पर निकाल ले और हल्का सा ठंडा होने पर थोड़ा सा मिक्सचर हाथो में लेकर लडडू बना ले। 
  • ध्यान रखें की मिक्सचर ठंडा न हो नहीं तो लडडू सही नहीं बनेगे। 
  • अब लडडू बनकर तैयार है इन्हे आप एयर टाइट कन्टेनर में ठंडा करके रखें। 
नोट : नारियल के लडडू में खोया डला होने की वजह से इन्हे गर्मियों में फ्रिज में रखे और 2 से 3 दिन तक ही इन्हे इस्तमाल करे नहीं तो ये खराब हो जाते है।इन्हे ज्यादा बनाकर न रखें जरूरत के हिसाब से बनाये।
आपने मेरे इस आर्टिकल को पड़ा इसके लिए में आपका हार्दिक धन्यवाद करती हूँ। इसमें दिए गए व्यंजन की विधि को घर पर जरूर बना कर देखें और नीचे दिए गए कमेंट में सूचित करने की कृपा करें। 😊😊

मट्ठी (मठरी) बनाने की विधि

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matthi (mathri)

सामग्री 

  • 1कप मेदा 
  • 1/2 कप सूजी 
  • 1/4 कप शुद्ध घी 
  • 1/2 टीस्पून अजवाइन 
  • 1/4 टीस्पून नमक 
  • गुनगुन पानी आवश्यकतानुसार 

मट्ठी (मठरी) बनाने की विधि 

  1. सबसे पहले एक बर्तन में मेदा, नमक, अजवाइन और घी डालकर मिक्स कर ले। 
  2. जब मेदा हाथ में लेने पर मुट्ठी शसि बनने लगे तब इसमें थोड़ा थोड़ा करके पानी डाले और मट्ठी का डो तैयार कर लें। 
  3. अब इस डो को 5 मिनट के लिए ढक कर रख दे। 
  4. अब 5 मिनट के बाद डो के दो भाग करले और छोटी छोटी लोइया बना ले। 
  5. अब इन लोइयों को चकले पर थोड़ा सा ऑयल लगा कर बेल ले। 
  6. अब इस बेली हुई मठरी शेप को किसी चाकू या फोक की सहायता से इसमें निशान बनादे ताकि ये फुले न। 
  7. अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और धीमी आंच पर मठरी को अलट पलट कर तल ले। 
  8. अब एक किचन पेपर पर मठरी को निकाल ले और ठंडा करके एयर टाइट डब्बे में रखें। 
  9. ध्यान रखे की तेल ज्यादा गर्म न हो नहीं तो मठरी अंदर से अच्छी तरह नहीं पकेंगी 
  10. अब आप इस मठरी को गरमा गर्म चास्य के साथ खाये ये बहुत ही स्वादिष्ट लगेंगी। 

अगर आपको इस आर्टिकल में दी गई रेसिपी पसंद आए तो आप अपने सुझाव नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में देने की कृपा करें धन्यवाद 😊😊

प्रौढ़ावस्था (व्रद्धावस्था) की आयु और समस्याएं | Middle Adulthood and it's Problems

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प्रौढ़ावस्था | mature age

प्रौढ़ावस्था (व्रद्धावस्था) 40 साल की आयु के बाद शुरू होती है।इस अवस्था में आंखो का खास ख्याल रखना बहुत आवश्यक है। प्रायः इस आयु में चश्मा लगाने की आवश्यकता पड़ जाती है।क्योकि हमारी आंखो का फोकस इस आयु में बदलने लगता है। किसी को पास का, तो किसी को दूर का दृश्य साफ दिखाई नहीं देता। किसी किसी को पास व दूर दोनों दृश्य साफ दिखाई नहीं देते।ऐसी स्थिति में आंखो की जांच करवा कर उचित नंबर का चश्मा जल्द से जल्द लगा लेना चाहिए। चश्में के नंबर की जांच किसी योग्य व अनुभवी चिकित्स्क से ही करनी चाहिए। हर किसी से जांच कराना या मनमर्जी से कोई चश्मा प्रयोग करना हानिप्रद सिद्ध होता है।

इस आयु में कुछ नेत्र की समस्याएं भी हो जाया करती है जिनकी चिकित्सा कराना आवश्यक हो जाता है।इन व्याधियों में ग्लूकोमा और केटरेक्ट प्रमुख है। आयुर्वेद ने नेत्र रोगो का विस्तार से वर्णन किया है।आयुर्वेद ने 76 प्रकार के नेत्र रोगों की चर्चा करके उनके निदान व चिकित्सा का विस्तृत विवरण दिया है।सुश्रुत संहिता के उत्तरतन्त्रम अध्याय प्रथम में ऋषियों ने नेत्र की रचना का जैसा सूक्षम और विस्तृत विवरण दिया है वह उनका अगाध ज्ञान का सूचक है। इस विवरण को पढ़ने से स्पष्ट हो जाता है कि आयुर्वेद के मनीषियों को भी मानव शरीर की एक एक नस का पूरा पूरा सही ज्ञान था। सुश्रुत -उत्तर तन्त्र 1-28 || इस प्रकार है -


          वातादद्श तथा पित्तात कफाश्चैव त्रयोदशः |
          रक्तात षोडश विज्ञेयाः सर्वजाः पंच विंशतिः |
          तथा बह्वाौ पुनद्दौ च रोगाः षट सप्ततिः स्मृताः | 

अर्थात दोषो के अनुसार वात दोष से दस, पित्त दोष से दस, कफ दोष से तेरह, रक्त से सोलह, सर्वज पच्चीस और ब्रह्वा कारण से दो ऐसे कुल मिलाकर छहत्तर प्रकार के नेत्र रोग होते है।सुश्रुत ने बहुत विस्तार से इन 76 रोगो की उतपत्ति के कारण बताते हुए निदान व चिकित्सा का विवरण प्रस्तुत किया है।आजकल प्रायः नेत्रों की कई समस्याएं आमतौर पर पाई जाती है।जो की इस प्रकार है -
  • नेत्रशोथ (Conjuctivitis)
  • ग्लूकोमा  (Glaucoma)
  • मोतिया बिन्द  (Cataract)
  • रतौंधी (Night Blindness 
नेत्रशोथ कई प्रकार का होता है।यह रोग प्रायः विटामिन 'ए' और 'डी' की कमी से हो जाता है। यह रोग अकस्मात उतपन्न होता है कई बार इसके होने का कारण अज्ञात रहता है। इस रोग में कष्ट और असुविधा तो होती है पर इस रोग से नेत्रों को कोई हानि नहीं होती। यह संक्रामक रोग है और बड़ी तेजी से फैलता है।इससे बचाव के लिए जरूरी है कि बराबर आंखो की देखभाल करते रहे और आंखो का चेकप भी जरूर कराये। 

ग्लूकोमा (Glaucoma)

आयुर्वेद ने इस रोग के जो कारण बताये है उनमे बड़ी हुई उम्र के कारण मोटा होना। 40 से 45 वर्ष की आयु में दृष्टि मणि (Lens) की कठोरता, तनाव, क्रोध, चिन्ता, मानसिक आघात, अनिद्रा, उच्च रक्त चाप आदि प्रमुख कारण है। इस रोग में   नेत्रगोलक (Eye Ball) कठोर होने लगता है और भीतर का भार (Tension) बढ़ने लगता है जिससे ग्लूकोमा होता है और अगर इसका शीघ्र ही इलाज न किया जाये तो नेत्र दृष्टि नष्ट हो जाती है।

glaucoma and cataract

मोतिया बिन्द (Cataract)

मोतिया बिन्द आयु बढ़ने पर प्रायः हुआ करता है। यह 40 साल की आयु के बाद होता है। उपद्रवभूत मोतिया बिन्द मधुमेह, वृक्क शोथ, वातरक्त, स्व्र्ण शुक्र, ग्लूकोमा आदि रोगों के कारण होता है।इसलिए मनुष्यों को सदैव नेत्रों की रक्षा के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए।सन्क्षेप में नेत्र रोगों की सामान्य चिकित्सा यह है कि जिन कारणों से नेत्र रोग उतपन्न होते है उनका पूर्ण त्याग कर देना चाहिए। 

आपने इस आर्टिकल को पढ़ा इसके लिए आपका धन्यवाद करते है | कृपया अपनी राये नीचे कमेंट सेक्शन में सूचित करने की कृपा करें | 😊😊

मनोवृत्ति में बदलाव (परिवर्तन) और अन्तरात्मा की आवाज | Change in Mentality and The voice of Conscience

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change in Mentality and the voice of Conscience
मनोवृत्ति परिवर्तनशील होती है।अतः बदल भी सकती है और बदलती भी है। मनोवृत्ति बदलने में संगति और वातावरण का बहुत हाथ होता है। यह परिवर्तन स्वेच्छा से किसी आकर्षण के कारण भी हो सकता है और मजबूरन किसी दबाव के कारण भी हो सकता है।संगति के प्रभाव से मनोवृत्ति में जो परिवर्तन होते है वे स्वेच्छा से और किसी न किसी प्रकार के आकर्षण के प्रभाव से होते है। संगति का धीरे धीरे हमारे अन्तरमन पर प्रभाव पड़ता है और बार बार प्रभाव पड़ने से हम एक आकर्षण का अनुभव करने लगते है।

मनोवृत्ति में बदलाव (परिवर्तन)

अब सोचने वाली बात यह है कि ऐसे आकर्षण के प्रभाव में दो ही प्रकार से आया जा सकता है। एक तो यह कि हमारी मनोवृत्ति दुर्बल हो और आसानी से हर किसी के प्रभाव में आ जाने वाली हो। दूसरा प्रकार यह है कि हमारे सुप्त (सोये हुए) पुराने संस्कारो में ऐसे संस्कार दबे पड़े हो जो उस आकर्षण के अनुकूल हो तो भी उन सोये हुए संस्कारों के जाग जाने से हमारी मनोवृत्ति बदल जाएगी। हम उस आकर्षण से आकर्षित होकर अपनी मनोवृत्ति बदलने को राजी हो जाएंगे।यही वजह है कि अच्छी संगति से अच्छा और बुरी संगति से बुरा प्रभाव पड़ने से प्रायः मनोवृत्तियां बदल जाया करती है।

मनोवृत्ति बदलने का दूसरा कारण वातावरण का दबाव, परिस्थिति जन्य मजबूरी या किसी जबरदस्त लोभ का होना होता है। जो भी हो और जिस कारण से भी हो, मनोवृत्ति में अच्छा या बुरा परिवर्तन हो जाता है या होता रहता है।अब विचार करने वाली बात यह है कि कैसी मनोवृत्ति हमारे लिए शुभ है और कैसी अशुभ। यह शुभ और अशुभ का झगड़ा भी बड़ा बेढंग है। जो बात आप शुभ मानते है उसे दूसरा अशुभ मानता है। जिसे दूसरा अशुभ मानता है उसे आप शुभ मानते है। यह मत विरोध सदा से रहता आया है और रहता रहेगा। हमे इस चक्कर में उलझनें की कोई आवश्यकता नहीं है।

अन्तरात्मा की आवाज 

एक छोटी सी तरकीब से हम इस चक्कर में उलझने से बच सकते है।बिना किसी पक्षपात के यदि हम शुभ अशुभ का निर्णय करना चाहें तो हमे आत्मा की आवाज को सुनना होगा। मन की आवाज से अलग एक आवाज और उठती है हमारे अंदर से, जिसे अन्तरात्मा की आवाज कहा जाता है। यह आवाज कमजोर पड़ सकती है, दबाई जा सकती है इसे अनसुना किया जा सकता है पर इस आवाज को मिटाया नहीं जा सकता।खत्म नहीं किया जा सकता पापी से पापी के अन्तरमन से भी यह आवाज उठती है, यह अलग बात है कि वह पापी अपने अन्तरमन की आवाज को अनसुना कर दे, दबा दे और मनमानी करता रहे लेकिन यह बात तयशुदा है कि पाप करते समय पापी का अन्तरमन यह कहता अवश्य है कि यह काम ठीक नहीं।घोर पापी व्यक्ति भी यह जानता है कि वह पाप कर रहा है, फिर भी करता है और छिपा कर करता है। 

हमे समझना चाहिए। यह हो सकता है कि बार बार अन्तरमन की आवाज को अनसुनी करने, दबाने और उसके विपरीत  करने से अन्तरमन की आवाज कमजोर पड़ जाये, इतनी कमजोर कि सुनाई भी न दे। ऐसी स्थिति में यह कहा जाएगा कि ऐसे व्यक्ति की आत्मा सो गई है। मल, विशेप और आवरण ने आत्मा को इस प्रकार ढांक दिया है कि आत्मा का स्वरूप खो गया है। आत्मा की कोई पहचान ही नहीं रह गई। वरना हम जब भी कोई काम करने को होते है तब उस काम को करने, न करने के प्रति अन्तरमन से आवाज जरूर आती है। 

जिस काम को करने में भय, संदेह और लज्जा का अनुभव अन्तरमन में होता हो वह काम अशुभ है, पाप है और न करने योग्य है, यह पाप की सरलतम परिभाषा है। इसी प्रकार जिस कार्य को करने में, आनन्द उत्साह, प्रीति और निर्भयता का अनुभव अन्तरात्मा में होता हो वह काम शुभ है, करने योग्य है यह शुभ कर्म की सरलतम परिभाषा है। दुसरो का हित करना शुभ है अहित करना अशुभ है। दुसरो की आत्मा को अपनी जैसी समझना शुभ है और दुसरो को कष्ट पहुँचाना अशुभ है। 

बुरे काम को करने में भी, शंका व लज्जा का अनुभव अवश्य होता है वरना सारे पाप कर्म छुप कर नहीं किए जाते।चोर तो छुपकर चोरी करते ही है, डाकू भी पुलिस और समाज से मुंह छिपाए फिरते है। इसलिए हम जो भी काम करे वह सन्देह और लज्जा वाला न हो किसी को अकारण बिना दोष के कष्ट देने वाला न हो, उस काम को करने में आनन्द, उत्साह, निर्भयता और परस्पर प्रीति का अनुभव होता हो इसका ख्याल रखना चाहिए यही संक्षिप्त रूप से शुभ की परिभाषा होगी। जो मनुष्य इस प्रकार की मनोवृत्ति रखकर व्यवहार करेगा वही दुःख से बच सकेगा।

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हमारी मनोवृति और उसके प्रभाव | Mentality of Human

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हम आज जो कुछ भी है, जो कुछ भी हम होते है, जो कुछ भी हम हो सकते है, जो कुछ भी हम कल को होंगे या हो सकते है, जो कुछ भी हम करते है, या करने वाले होते है, इन सभी गतिविधियों का संबन्ध हमारी मनोवृत्ति से होता है। जैसे हमारे विचार होते है वैसी ही हमारी मनोवृत्ति निर्मित होती है और जैसी मनोवृत्ति निर्मित होती है वैसे ही हमारे विचार होते है। यह आपस में जुड़े हुए है।

हमारे विचारों और मनोवृत्ति का आधार होते है हमारे संस्कार। बचपन में जैसे ही हम होश संभालते है वैसे ही हमारे संस्कार बनना शुरू हो जाते है जिनके निर्माण में माता पिता की शिक्षा, परिवार का वातावरण और समाज के प्रभाव का बहुत हाथ होता है।हमारे विचार और अाचार का हमारे अन्तरमन पर बड़ा सूक्षम और गहरा प्रभाव पड़ता रहता है और यही प्रभाव हमारे संस्कार बनाने का कार्य करता है। जैसे हमारे संस्कार होते है वैसी ही हमारी मनोवृत्ति बनती जाती है। हमारे व्यक्तित्व के निर्माण में हमारी मनोवृति का बहुत हाथ होता है।

यही वजह है कि हमारा आज जो भी, जैसा भी व्यक्तित्व है वह सिर्फ इस वजह से है कि हम वैसे ही परिवार में पैदा हुए, वैसा ही स्वभाव बनाया और वैसी ही बातें सीखी जैसी उस परिवार के वातावरण में थीं और जैसी हमने अपने बडो से सीखी। या यह कहिये कि हमें समझाई गई, सिखाई गई।

आज हमारी जो भी मान्यताएं है, जो भी सिद्धांत हम मान रहे है या जो कुछ आचरण हम कर रहे है इसमें विरासत का पैतृक प्रभाव का बहुत हाथ है। इसमें हमारा चुनाव नहीं है, बल्कि इस रूप में हमे बचपन से ही ढाल दिया गया है और हम अपने आपको ऐसा समझ बैठे है, जैसे की हम है।

यदि हम मांसाहारी के यहाँ पैदा हुए, बचपन से ही हम मांसाहार करते आये है तो आज मांस से हमे कोई घृणा नहीं होगी क्योकि मांसाहार करना हमारी मनोवृत्ति में शामिल हो गया है। यदि हम शाकाहारी का घर पैदा हुए है तो हमारी मनोवृति शाकाहारी हो जाएगी।

इसी प्रकार हम जिस जाती, धर्म, वर्ग, समाज या सम्प्रदाय में जन्म लेते है उसी का अनुसार हमारी मान्यताएं और मनोवृत्ति निर्मित हो जाती है। हम अपने को वैसा ही मानने लगते है।

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सोया स्मूथी | Soya Smoothie

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Soya Smoothie

सामग्री 

  • 200 मिली सोयामिल्क 
  • 2-3 फ्रेश अंजीर 
  • 1 काला मुलायम खजूर 
  • 2-4 बर्फ के टुकड़े
  • 2-3 पुदीना पत्ती 

सोया स्मूथी बनाने की विधि 

  1. सबसे पहले ऊपर दी गई सारी सामग्री को एक मिक्सर जार में डालें। 
  2. अब इसे 30 सेकंड के लिए मिक्सी में मैश कर लें। 
  3. अब इसे एक गिलास में डालें इसके ऊपर पुदीना पत्ती से गार्निश करें और तुरंत इसे पी लें। 
  4. ये एक बहुत ही रिफ्रेशिंग और एनर्जी ड्रिंक है। 
ये भी पड़े : Apple pomegranate juice

अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दी गई स्मूथी की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू उपचार | Home Remedies for High Blood Pressure

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High Blood Pressure

आजकल हाई ब्लड प्रेशर जिसे हम (हाइपरटेंशन) भी कहते है एक ऐसी बीमारी बन गई है जिससे हमारे देश के अधिकतर लोग इस रोग के शिकार हो रहे है। ये बहुत ही गंभीर बीमारी है और इस बीमारी के कारण हार्ट अटैक, किडनी फेल्यिर व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।ये रोग आज के समय में तेजी से बढ़ता जा रहा है क्योंकि न तो सही खानपान है न ही हम एक्सरसाइज करते है न ही ज्यादा चलते है। आजकल सही लाइफस्टाइल न होने के कारण ही रोगो में वृद्धि हो रही है।

हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के कारण | Causes of High Blood Pressure

  • भोजन में नमक का अधिक मात्रा में सेवन करना 
  • अधिक तनाव का होना 
  • अधिक मोटापा होना 
  • अधिक शराब का सेवन करना 
  • अधिक धूम्रपान करना इत्यादि 

हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के घरेलू उपचार | Home Remedies for  High Blood Pressure

  1. प्रतिदिन 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ रात को सोने से पहले सेवन करें इससे हाई बी पी कम हो जाता है। 
  2. सुबह शाम खाली पेट 3-4 पीस पपीता खाने से हाई बी पी की समस्या कंट्रोल हो जाती है। 
  3. आंवले का रस प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीने से भी है बी पी कंट्रोल होने लगता है। 
  4. 2 टेबलस्पून शहद में 1 टेबलस्पून नींबू का रस मिलाकर पीने से हाई ब्लड प्रेशर कम होता है। 
  5. एक गिलास पानी में आधा चम्मच मैथी दाना मिलाकर रातभर के लिए रख दे और फिर सुबह खाली पेट इस पानी को पी ले होसके तो कुछ मैथी दाना भी चबा लें। 
  6. रोज सुबह उठकर प्रतिदिन नारियल पानी का सेवन करें। 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें उपचार का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें।धन्यवाद 😊😊

जोड़ो का दर्द दूर करने के 7 घरेलू उपचार | 7 Home Remedies to Relieve Joint Pain

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joint pain
  1. सोंठ, हरड़, अजवाइन बराबर मात्रा में लेकर पीस ले और चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को सुबह शाम 5 ग्राम गर्म पानी से ले। 
  2. थोड़ी सी अजवाइन पानी में डालकर पका लें और उस पानी की भाप दर्द वाली जगह पर दे। 
  3. नीम के तेल की मालिश करें दर्द में बहुत आराम मिलता है। 
  4. 100 ग्राम मेथीदाने को भूनकर चूर्ण बना ले। 25 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिश्री, 50 ग्राम सोंठ सभी को पीसकर एक शीशी में भर ले।अब इस चूर्ण को प्रतिदिन एक चम्मच सुबह शाम दूध के साथ ले। 
  5. लहसुन की दो कलियां पीसकर तिल के तेल में डालकर तेल गर्म कर लें और जोड़ों की मालिश करें। 
  6. सरसों के तेल में अजवाइन और लहसुन जलाकर उस तेल की मालिश करने से हर प्रकार के दर्द से छुटकारा मिलता है। 
  7. कनेर की पत्ती उबालकर पीस लें और तेल में मिलाकर लेप करें। 
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मूंग दाल खस्ता कचौड़ी व आलू की सब्जी बनाने की विधि | Moong dal Khasta Kachori with Aloo ki sabzi Recipe

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इस आर्टिकल में आपको मै मूंग दाल खस्ता कचौड़ी व आलू की सब्जी बनाने की विधि बताऊगी।ये रेसिपी में नवाबों के शहर लखनऊ के अंदाज में बताउंगी।जो की तहजीब और खाने के लिए बहुत ही मशहूर है। लखनऊ में आपको ज्यादातर खस्ते के साथ सूखे आलू मिलेंगे जो की छिलके सहित बनाये जाते है।

खस्ता कचौड़ी की क्वांटिटी : 8-9 
तैयारी का समय:30 मिनट 
बनाने का समय : 1 घंटा

 आटा गूथने के लिए 

सामग्री 
  • 2 कप मेदा 
  • 2 चम्मच घी 
  • आधा छोटा चम्मच अजवाइन 
  • चुटकी भर नमक 
  • पानी आवश्यक्तानुसार 

विधि 

  1. सबसे पहले एक बर्तन में मेदा, अजवाइन, नमक और गुनगुन घी डालें। 
  2. अब इस मिश्रण को अच्छी तरह मिक्स करें और जब हाथ में लेने पर यह मिश्रण बंधने लगे तो थोड़ा गुनगुन पानी डालकर आटा गूथने लगे। 
  3. एक बात का ध्यान रखें की आटा न टाइट हो और न ढीला होना चाहिए। 
  4. अब गूथे हुए आटे को ढक कर रख दे। 

 दाल की स्टफिंग भरने के लिए 

सामग्री 
  • आधा कप मूंग दाल (2 घंटा भीगी हुई)
  • 2 चम्मच बेसन 
  • आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 
  • आधा छोटा चम्मच हल्दी 
  • 1 बड़ा चम्मच धनिया पाउडर 
  • आधा चम्मच आमचूर पाउडर 
  • 1 बड़ा चम्मच खड़ा धनिया (भुना हुआ) 
  • 1 बड़ा चम्मच सौंफ (भुनी हुई)
  • 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर 
  • 1 छोटा चम्मच गरम् मसाला 
  • चुटकी भर कसूरी मेथी 
  • आधा छोटा चम्मच जीरा
  • चुटकी हींग  
  • तेल मसाला भुनने के लिए 

विधि 

  1. सबसे पहले भीगी हुई दाल का पानी निकाल कर मिक्सी में दरदरा पीस ले। 
  2. अब मिक्सी में भुना धनिया और भुनी सौंफ दरदरी पीस ले। 
  3. अब एक फ्राईपैन में तेल गर्म करके आंच धीमी करे और उसमे जीरा, हींग, कसूरी मेथी डालें फिर बेसन डालें और फिर सारे मसाले डालकर कलछी से हिलाये और पीसी दाल डालकर जरा सी देर भुने और गैस बंद कर दे। 
  4. अब ये स्टफिंग (दाल का मसाला) खस्ते के लिए तैयार है।इसे आप एक बर्तन में निकाल कर अलग रख दे। 

खस्ता कचौड़ी बनाने की विधि 

  1. सबसे पहले गूथे हुए आटे को दो हिस्सों में बाँट लें और इन दोनों हिस्सों के पेड़े तैयार कर ले।अब दाल की स्टफिंग की भी छोटी छोटी बॉल बना ले।
  2. अब एक पेड़ी लेकर उसे फ्लेट करे और कटोरी की शेप दे कर दाल की स्टफिंग की हुई बॉल इसमें रखें और इसे हाथ से पिंच करके ऊपर की तरफ मोड कर एक्स्ट्रा लोई निकाल दे और इसे हाथों से दबाकर नीचे की तरफ प्रेस करें। 
  3. इसी तरह सारी कचौड़िया बना ले। 
  4. अब एक कड़ाही में तेल गर्म करे और मध्यम आंच पर 2-3 कचौड़िया डालकर तले इन कचौड़ियो को हल्का गोल्डन ब्राउन होने तक तले। 
  5. अब इन कचौड़ियो को किचन पेपर पर निकाल लें। 
  6. ये कचौड़िया बनकर तैयार है। 

लखनवीं आलू की सब्जी 

सामग्री 
  • 6-7 मीडियम आकार के आलू 
  • 1 छोटा चम्मच हल्दी 
  • 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर 
  • आधा चम्मच सौंफ पाउडर 
  • आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 
  • 2 चम्मच धनिया पाउडर 
  • चुटकी भर हींग 
  • आधा चम्मच चाट मसाला 
  • 1-2 हरी मिर्च 
  • नमक स्वादनुसार 
  • 1/4 जीरा 

विधि 

  1. छिलके सहित आलू को धोकर छोटे-छोटे टुकड़ो में काट ले और एक बर्तन में पानी गर्म करके उसमे चुटकी भर नमक, आधा चम्मच तेल व कटे हुए आलू डालकर उबाल ले।ध्यान दे की आलू ज्यादा गले नहीं। 
  2. अब इन आलू को एक छन्नी में छान लें। 
  3. अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें इसमें हींग, जीरा, हल्दी डालकर फिर इसमें आलू डाले और कलछी से मिक्स करे अब इसमें नमक, जीरा पाउडर, सौंफ पाउडर, धनिया पाउडर, चाट मसाला हरी मिर्च व लाल मिर्च डालकर कलछी से मिक्स कर लें।अबइस सब्जी को 2 से 3 मिनट के लिए पकाये बिना ढके। 
  4. अब आलू की सब्जी को एक बर्तन में निकाल ले और ऊपर से कटा हुआ हरा धनिया डालकर खस्ता कचौड़ी के साथ सर्व करे। 
  5. अब आप एक प्लेट में खस्ता कचौड़ी, लखनवी आलू की सब्जी व हरी चटनी के साथ सर्व करें। 
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शाही टोस्ट (शाही टुकड़ा) बनाने की विधि | Shahi Toast Recipe

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shahi Toast/Tukda

सामग्री 

  • 4 वाइट ब्रेड स्लाइस 
  • तेल या देसी घी तलने के लिए 
  • 1 कप चीनी (चाशनी के लिए)
  • आधा कप पानी (चाशनी के लिए)
  • जरा सा केसर या फ़ूड कलर (चाशनी में डालने के लिए) 
  • 500 मिली दूध (रबड़ी के लिए)
  • 20 ग्राम मिल्क पाउडर (रबड़ी के लिए)
  • 2-3 ब्रेड स्लाइस किनारे कटी हुई और मिक्सी में चुरा की हुई (रबड़ी के लिए)
  • 4-5 इलायची का पाउडर (रबड़ी के लिए)
  • 10-12 बादाम कटे हुए (रबड़ी और सजाने के लिए)

चासनी बनाने की विधि 

  1. एक फ्राईपैन में 1 कप चीनी, आधा कप पानी ,1 इलायची व फ़ूड कलर डाले और इसे चीनी घुलने तक उबालें। 
  2. जब चीनी घुल जाए तो गैस बंद कर दें और ठंडा होने दे। 

Instant रबड़ी बनाने की विधि 

  1. एक कड़ाही में दूध डालकर उबाले व एक उबाल आने पर इसमें इलायची पाउडर, ब्रेड का चुरा व मिल्क पाउडर (एक कटोरी में पाउडर को डालकर जरा से पानी में मिकस कर ले) डालकर कलछी से चलाते रहे।फिर इसमें 4-5 कटे हुए बादाम डाल दे और तब तक उबाले जब तक दूध गाढ़ा न हो जाये।5 से 10 मिनट में रबड़ी बनकर तैयार हो जाती है। 
  2. रबड़ी को फ्रीज़ में ठंडा होने रख दे। 

शाही टोस्ट (शाही टुकड़ा) बनाने की विधि 

  1. सबसे पहले वाइट ब्रेड को ट्राइएंगल शेप में काट लें। 
  2. अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और इस तेल में ब्रेड के टुकड़े डीप फ्राई कर लें। 
  3. अब इन टुकड़ो को किचन पेपर पर निकाल लें। 
  4. अब इन टुकड़ो को 1-1 कर चाशनी में डालकर निकाल लें। 
  5. एक प्लेट में सारे शाही टोस्ट को रख ले और इसके ऊपर ठंडी की हुई रबड़ी डालकर कटे हुए बादाम से सजाए चाहे तो पिस्ता भी डाल सकते है। 
  6. शाही टोस्ट बनकर तैयार है इसे 5-10 मिनट के लिए फ्रीज़ में ठंडा कर ले और सर्व करें। 
अगर आपको इस आर्टिकल में दी गई रेसिपी पसंद आए तो आप अपने सुझाव नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में देने की कृपा करें धन्यवाद 😊😊

खून की कमी दूर करने के 7 असरदार घरेलू उपचार

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khan ki kami door kreng ke 7 gharelu upchar

इस आर्टिकल में आपको मै खून की कमी दूर करने के 7 असरदार घरेलू उपचार बता रही हूँ। जो की बहुत लाभकारी होने के साथ-साथ आसान भी है।कई बार शरीर में कई कारणों से खून की कमी हो जाती है।जिसके कारण शरीर में कमजोरी का सामना करना पड़ता है।आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने खाने पीने का ध्यान नहीं रखते और बाहर का कुछ भी भूख लगने पर खा लेते है।इसलिए खाने पीने का ध्यान रखना अतिआवश्यक है।
  1. गन्ने के रस में आवंले का रस और शहद मिलाकर पीने से खून बढ़ता है। 
  2. सुबह शाम दूध के साथ 1 आवंले का मुरब्बा खाने से खून की कमी दूर हो जाती है। 
  3. गाजर का रस और चुकंदर का रस मिलाकर पीने से भी खून बढ़ता है। 
  4. प्रतिदिन 1 गिलास टमाटर का रस पीने से खून की कमी दूर होती है। 
  5. प्रतिदिन पपीते का सेवन करने से भी खून की कमी नहीं होती है। 
  6. दूध में अंजीर को उबाल ले और फिर इस दूध को पीजाये। इससे भी खून की कमी दूर होती है। 
  7. रोजाना 4-6 खजूर खाकर ऊपर से एक कप गर्म दूध पीने से भी खून की कमी दूर होती है। 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें उपचार का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें।धन्यवाद 😊😊

दूध की रबड़ी बनाने की विधि

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dude ki rabdi banane ki vidhi

सामग्री 

  • 5 कप दूध 
  • 10 ग्राम पिस्ता कटे हुए 
  • 10 ग्राम बादाम कटे हुए 
  • 1 ग्राम केसर 
  • 1/4 टीस्पून इलायची पाउडर 

दूध की रबड़ी बनाने की विधि 

  1. एक पतीले में दूध और इलायची पाउडर डालकर धीमी आंच पर उबलने रख दे दूध को ज्यादा न चलाये ताकि उसमे मलाई की पर्त जम सके।  
  2. जब दूध में मलाई की पर्त जमने लगे तो उसे चम्मच की सहायता से बीच में ढकेल दे। 
  3. अब दूध को चलते रहे ताकि वह तली में न लगे। 
  4. अब इसमें केसर डालें और दूध की मात्रा एक तिहाई होने तक दूध को गडकाती रहे। 
  5. जब दूध का रंग क्रीम क्लर का हो जाये और खूब गाढ़ा होने लगे तो आंच से उतार कर ठंडा करले। 
  6. अब इसे फ्रीज़ में ठंडी होने रख दे जब रबड़ी ठंडी हो जाये तो उसके ऊपर मेवे डालकर सर्व करे। 
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आटे का मालपुआ बनाने की विधि

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atte ka maalpus banane ki vidhi

सामग्री 

  • 1 कप आटा 
  • 1/4 टेबलस्पून सौंफ (हल्की भुनी हुई)
  • 1 टेबलस्पून मलाई  
  • फुल क्रीम दूध आवश्यक्तानुसार 
  • चीनी आवश्यक्तानुसार 
  • 2 टीस्पून कटे हुए बादाम 
  • 2 टीस्पून पिस्ता कटे हुए 
  • देसी घी 

आटे का मालपुआ बनाने की विधि 

  1. एक बर्तन में आटा, दूध, भुनी सौंफ, मलाई और चीनी डालकर अच्छे से फेट लें। 
  2. एक नॉनस्टिक पैन में जरा सा देसी घी डालकर गर्म करे और एक कलछी की सहायता से बैटर डालकर फैलाये व दोनों तरफ से अलट-पलट कर सेके। 
  3. एक बात का ध्यान रखें की मालपुआ ज्यादा ब्राउन न हो जाएं। 
  4. अब इसे एक प्लेट में निकाले और बादाम व पिस्ता डालकर गार्निश करें। 
  5. गरमा गर्म मालपुआ खाने के लिए तैयार है।इसे आप रबड़ी के साथ भी सर्व कर सकते है। 
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लौकी का हलवा बनाने की विधि

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loki ka halwa banane ki vidhi

सामग्री

  • 1 बड़ी लौकी (कददूकस की हुई)
  • 750 मिली फुल क्रीम दूध 
  • 150 ग्राम चीनी 
  • 4 टेबलस्पून खोया (मावा)
  • 1 टीस्पून इलायची पाउडर 
  • 10 ग्राम मुनक्का 
  • 10 ग्राम काजू 
  • 10 ग्राम बादाम 
  • 10 ग्राम पिस्ता 

लौकी का हलवा बनाने की विधि 

  1. एक फ्राईपैन में कददूकस की हुई लौकी डालें और पानी सूखने तक पकाये। 
  2. अब पानी सूखने के बाद दूध डाले और 15 से 20 मिनट तक इसे धीमी आंच पर पकाये। 
  3. पकाते समय एक बात का ध्यान रखे की लौकी जले व चिपके नहीं। 
  4. अब लौकी में दूध सुख जाने के बाद चीनी डालें। 
  5. इस मिश्रण के गाढ़ा हो जाने के बाद कददूकस किया हुआ खोया, इलायची पाउडर, मुनक्का, काजू, बादाम डालकर 5 मिनट तक पकाये। 
  6. अब इसे किसी बर्तन में निकालकर ऊपर से थोड़े और मेंवे डालकर सजाले और अपनी पसंद के अनुसार ठंडा या गर्म सर्व करें। 
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आटे का हलवा बनाने की विधि

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सामग्री 

  • 1 कप आटा 
  • 1 कप देसी घी 
  • 1 कप चीनी 
  • 3 कप गर्म पानी 
  • 1/4 टेबलस्पून बादाम 
  • 1/4 टेबलस्पून पिस्ता 

आटे का हलवा बनाने की विधि 

  1. एक एल्मुनियम की कढ़ाही में घी गर्म करे और उसमे आटा डालकर भून ले व खुशबू आने तक भूने। 
  2. आटे का रंग गोल्डन ब्राउन होने तक भूनते रहे और गांठे न पड़ने दे। 
  3. जब आटा घी छोड़ने लगे तो चीनी डाल दे। 
  4. अब चीनी को पिघलने दे ताकि वे आटे में मिल जाये।
  5. अब इसमें पानी मिलाएं व ध्यान दे की छीटे आप पर न पड़ने पाएं। 
  6. अब इसको चलाते रहें और गांठे न पड़ने दे। ये हलुआ जल्द ही पानी सोख लेगा और गाढ़ा हो जायेगा। 
  7. अब इसमें गाढ़ा होने के बाद सारे मेवे डाल दे और गैस बंद कर दे। 
  8. अब इसे आप गरमा गर्म सर्व करें। 
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साबूदाना और मेथी के पकौड़े बनाने की विधि

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sabudana or methi ke pakode

सामग्री 

  • 1 कप साबूदाना (2 घंटे के लिए भिगोया हुआ)
  • 1 आलू (उबला और पिसा हुआ)
  • 1 कप मेथी की पत्तियां 
  • 1/4 कप सूखा नारियल 
  • 1/2 स्पून धनिया पाउडर 
  • 1/2 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर 
  • नमक स्वादनुसार 
  • ब्रेडक्रम आवश्यक्तानुसार 
  • तेल तलने के लिए 

साबूदाना और मेथी के पकौड़े बनाने की विधि 

  1. एक बर्तन में साबूदाना, आलू, मेथी, नारियल, धनिया, मिर्च और नमक सबको अच्छी तरह मिलाये। 
  2. अब इसके छोटे-छोटे गोले बनाकर ब्रेडक्रम में अलट पलट कर लें। 
  3. धीमी आंच पर एक कड़ाही में तेल गर्म कर ले और गोलों यानि पकौड़ो को सुनहरा भूरा होने तक तल ले। 
  4. इसे किचन पेपर पर निकल कर एक्स्ट्रा ऑयल निकाल ले और हरी चटनी या टॉमेटो सॉस के साथ सर्व करें। 
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चटपटी अरबी (घुईया) बनाने की विधि | Method of making spicy Taro root

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chapati arbi

सामग्री 

  • 500 ग्राम अरबी 
  • 1/2 कप कार्नफ्लोर 
  • 4 नींबू के टुकड़े 
  • नमक स्वादनुसार
  • हरा धनिया 
  • 20 ग्राम आमचूर पाउडर 
  • 20 ग्राम चाट मसाला 
  • 15 ग्राम लाल मिर्च पाउडर 
  • तेल तलने का लिए 

चटपटी अरबी(घुईया) बनाने की विधि 

  1. एक बर्तन में पानी, नमक और छिली हुई अरबी डालकर धीमी आंच पर 15 मिनट के लिए उबाल लें। 
  2. अब एक फ्राईपैन में तेल गर्म करने रखें । 
  3. उबली हुई अरबी में कार्नफ्लोर डालें और इसे गर्म किये हुए तेल में डीप फ्राई करें। 
  4. फ़्राईड अरबी को किचन पेपर पर निकालकर एक्स्ट्रा ऑयल निकाल लें। 
  5. अब इसमें आमचूर पाउडर, चाट मसाला, लाल मिर्च और नमक डालकर ऊपर से नींबू और हरा धनिया डालकर सर्व करे। 
  6. इसे आप हरी चटनी के साथ भी खा सकते है। 
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ध्यान-योग का अर्थ | Meditation

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आज के समय में मनुष्य अनेक व्याधियों से ग्रस्त है। वह यदि अपने रोग के उपचार के लिए भी ध्यान-योग की तरफ आकर्षित होता है और अपने रोग को ठीक कर पाता है, तो उसकी श्रद्धा ध्यान-योग के प्रति हो ही जाएगी।हो सकता है कि यहीं से मानसिक विकास तथा आध्यात्मिक आनन्द प्राप्त करने का मार्ग खुल जाये और उसके जीवन का यह अंग बन जाये।

मै इस आर्टिकल में बताना चाहूंगी कि यदि आप केवल रोगो के उपचार के लिए ही योग को अपनायेंगे, तो आप शायद पूर्ण लाभ नहीं उठा सकेंगे, क्योंकि यह औषधि नहीं है। यह जीने कि, आनंदित रहने की एक कला है। इसे जीवन का अंग बनाकर ही लाभ उठाया जा सकता है।

इसलिए मेरा आपसे निवेदन है कि आपका लश्य भले ही अपने रोग को ठीक करना हो, परन्तु ध्यान-योग को अपने जीवन का अंग बनाकर पूरी श्रद्धा तथा विश्वास से शुरू करें और कुछ महीनो तक लगातार अभ्यास करें।तब ध्यान-योग अपना काम कर लेगा, आपकी सोच में, आपके विचारों में परिवर्तन आने लगेगा, आपका आत्मविश्वास बढ़ाएगा और आप स्वस्थ होंगे।

ध्यान-योग का अर्थ (Meditation)

ध्यान योग का अर्थ है-मिलाप।आत्मा का परमात्मा में मिलन को योग कहते है।अपने नियमित अभ्यास से ध्यान-योग की साधना करते समय मनुष्य अंतर्मुखी हो जाता है।उसे पूरी सृष्टि परमात्मामय दिखने लगती है।स्वयं को स्वयं में स्थिर करने की साधना को ''ध्यान-योग'' कहते है। स्थूल व सुष्म किसी भी विषय में अर्थात हृदय, भृकुटि, नासिका, ''ॐ'' शब्द आदि आध्यात्मिक तथा इष्ट देवता की मूर्ति में चित्त को लगाना ध्यान-योग कहलाता है। 

ध्यान-योग किसे कहते है 

वर्तमान में जीने को ''ध्यान-योग'' कहते है। अपने महाभारत की ये कहानी सुनी होगी कि गुरु से कौरव तथा पांडव दोनों धनुर्विधा सीखते थे। एक दिन गुरु ने परीक्षा लेनी चाही। उन्होंने दूर पेड़ पर बैठी एक चिड़िया को दिखाया और कहा की चिड़िया की आंख को निशाना लगाओ। फिर गुरु ने एक-एक करके सभी शिष्यों से पूछा की तुम्हें क्या दिखाई दे रहा है ? 
किसी ने कहा, ''पेड़ दिखाई दे रहा हे'', किसी ने कहा, ''पेड़ की शाखाएं दिखाई दे रहीं है'', किसी ने कहा, ''टहनी पर बैठी चिड़िया दिखाई दे रही है'', किसी ने कहा, ''पत्ते दिखाई दे रहे है'', अंत में अर्जुन ने कहा, ''गुरु जी मुझे तो केवल चिड़िया की आंख दिखाई दे रही है।'' यह सुनकर गुरु ने निशाना लगाने की आज्ञा अर्जुन को दे दी। अर्जुन ने चिड़िया की आंख को बेध दिया। इसे ही ध्यान-योग कहते है। 

उदहारण

हर कक्षा में 40-50 विद्यार्थी होते है और उन्हें एक ही अध्यापक पड़ाता है।परन्तु परीक्षा का परिणाम भिन्न भिन्न होता है।कोई प्रथम आता है तो कोई फेल हो जाता है। जो विद्यार्थी प्रथम आता है, वह कक्षा में अध्यापक के पड़ाते समय पूरे मन से अपनी पढ़ाई की और ध्यान देता है और जो विद्यार्थी फेल होता है वह अध्यापक के पढ़ाते समय कक्षा में तो रहता है, परन्तु उसका मन कहीं और होता है। 
कभी-कभी ऐसा होता है कि घर से बाहर जाते समय हम ताला लगाते है, मगर हमारा ध्यान कही और ही होता है और हम सोच में पड़ जाते है कि ताला ठीक से लगाया था की नहीं। फिर वापस आकर ताले को देखते है।ऐसी कई घटनाएं हमारे जीवन में प्रायः होती है। मगर ध्यान रखने पर ऐसा नहीं होताहै।ध्यान हमे अपने आप से मिलाता है।ध्यान हमे अंतर्मुखी करता है, हमें स्वयं में स्थित करता है, अपने स्वभाव में ले जाता है। 

ध्यान योग से ऊर्जा का केंद्र निर्धारित करना 

हमारी सारी ऊर्जा बाहर की और बह रही है।''ध्यान'' का मतलब है -हमारी सारी ऊर्जा अंदर की और मुड़ जाये। अभी हमारी ऊर्जा का केंद्र दूसरों में स्थित है। इसलिए कोई हमारी प्रशंसा करता है तो हम फुले नहीं समाते, कोई निंदा करता है तो क्रोध से भर जाते है।कोई प्रवचन सुनते है तो उसके बहाव में बह जाते है। हमारा अपना कोई व्यक्तित्व, कोई अस्तित्व ही नहीं।हमारे जीवन की बागडोर दूसरो के हाथो में है, कभी हम इधर लुढ़क रहे, कभी उधर।

जबकि होना तो यह चाहिए कि हम सब कुछ देखें, सब कुछ सुनें, फिर उस पर विचार करें।हमें क्या करना है, इसका निर्णय हमारा अपना होना चाहिए। हर व्यक्ति अकेला है आप जैसा कोई दूसरा व्यक्ति न पैदा हुआ था, न अभी है और न होगा।आप अपने संस्कार साथ लेकर पैदा हुए। इसलिए मेरा जीवन कैसा है, मेरी परिस्थितिया कैसी है, मेरा स्वभाव कैसा है, इन सब पर विचार करते हुए निर्णय होना चाहिए।ध्यान आपको वह समझ देता है जिससे आप उचित निर्णय कर अपने जीवन को सुचारु रूप से चला सकें।

आपने इस आर्टिकल को पढ़ा इसके लिए आपका धन्यवाद करते है | कृपया अपनी राये नीचे कमेंट सेक्शन में सूचित करने की कृपा करें | 😊😊

जीवन में धैर्य | Patience

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Patience
आज में इस आर्टिकल में आपको धैर्य की आवश्यकता बताउंगी जो की आज के समय में बहुत जरूरी है।आपने यह कहावत तो सुनी होगी कि धैर्य का फल मीठा होता है। यह कहावत बहुत ही गहरे अनुभवों के बाद कही गई है। धैर्य बहुत बड़ा बल और उतावलापन याने अधैर्य बहुत बड़ी निर्बलता है।

जीवन में धैर्य का होना 

जो व्यक्ति धैर्य रखते है वे अपने लक्ष्य को पाने में जुटे रहते है, निरन्तर प्रयत्न करते रहते है और अन्ततः लक्ष्य पाने में सफल हो ही जाते है। पहिया चलता रहे तो गाड़ी मंजिल तक पहुंच ही जाती है। धैर्य ही वह पहिया है जो बंद न हो, तो यात्री अपनी मंजिल तक पहुंच जाता है।इसमें देर भले ही हो सकती है पर अन्धेर नहीं हो सकती। 

जीवन में धैर्य का महत्व 

कुछ कार्य जीवन में सरल होते है झट से हो जाते है कुछ कार्य कठिन होते है और मुश्किल से हो पाते है, जबकि कुछ कार्य बहुत कठिन होते है और समय से पूरे नहीं हो पाते है। ऐसे ही कार्यो में धैर्य की जरूरत पड़ती है क्योकि धैर्य होगा तो ही हम निरन्तर प्रयत्नशील रह सकेंगे वरना धैर्य छूट जाने पर निराश होकर काम को अधूरा ही छोड़ देंगे।

जीवन में धैर्य और साहस की आवश्यकता 

 धैर्य और साहस परस्पर दोनों मित्र है और किसी भी गाड़ी के दो पहियों कि भांति है। पहियों में यदि 'स्थिर बुद्धि' की धुरी (एक्सिल) लगी होगी तो पहिये बराबर घूम सकेंगे।एक्सिल स्लिप हो जाये, टूट जाये तो गाड़ी आगे नही बढ़ सकेगी। इसलिए धैर्य बना रहे इसके लिए स्थिर बुद्धि का होना बहुत जरूरी है। बुद्धिहीन धैर्य नहीं रख पाते या यू कहिये कि धैर्यहीन होना बुद्धिमानी नहीं। 

धैर्य रूपी रस्सी 

धैर्य टूट जाना वैसा ही  होता है जैसे कोई रस्सी के सहारे ऊपर चढ़ रहा हो और बीच में ही धैर्य रूपी रस्सी टूट जाये।ऊपर तक पहुंचने के लिए धैर्य रूपी रस्सी न टूटना अनिवार्य है। बार-बार प्रयत्न करना अन्ततः हमें सफल कर ही देता है। लेकिन ऐसा तभी हो सकता है जब हम धैर्य धारण किये रहे। 

धैर्य की परीक्षा 

विपत्ति के समय धैर्य ही हमारा सबसे बड़ा मित्र, सबसे बड़ा बल और सबसे जरूरी सहारा होता है और संकट के समय में ही धैर्य की परीक्षा भी हो जाती है।अतः हमें धैर्य का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए तभी हम जीवन की कठिन राहों पर, सच्ची और हितकारी राहों पर कदम बढ़ाते रह सकेंगे और कठिनाईयों व संघर्षो पर विजय पा सकेंगे।महापुरुषों ने हमे यही राह दिखाई है
जो धीर अर्थार्त धैर्यवान होते है उनके कदम न्याय मार्ग पर चलते हुए डगमगाते नहीं, विचलित नहीं होते। 

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ध्यान योग-भगवान श्री कृष्ण का ध्यान (Meditation)

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Meditation

भारत में अत्यधिक तीर्थस्थान हैं। जंहा योगीजन एकांत में ध्यान योग  करने जाते है,जैसा कि भगवद-गीता में बताया गया है।परंपरागत रूप से, योग किसी सार्वजनिक स्थान में नहीं किया जा सकता, किन्तु जंहा तक कीर्तन-मंत्र योग, अथवा हरे कृष्ण मंत्र के कीर्तन-हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे / हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे-के योग का संबध है, उसमे जितने अधिक व्यक्ति सम्मिलित हो, उतना ही अच्छा है।भगवद-गीता में विशेष रूप से बताया गया है कि ध्यान कैसे करें और इसकी जीवन में क्या विशेषता है।

ध्यान योग कैसे करें 

ध्यान योग (Meditation) हमारे लिए बहुत जरूरी है और ध्यान सभी को करना चाहिए क्योकि हमारे हिन्दू धर्म भगवद- गीता में इसका सम्पूर्ण वर्णन किया गया है। अगर आप भगवद-गीता में दिए गए 18 अध्यायों को पड़ोगे तो आपको पता चल जायेगा कि ध्यान योग क्यों करना चाहिए।

भगवद-गीता के अध्याय 6 में श्लोक || 34 || में अर्जुन भगवान श्री कृष्ण से कहते है कि हे श्री कृष्ण ! यह मन बड़ा चंचल, प्रमथन स्वभाववाला, बड़ा दृढ़ और बलवान है। इसलिए उसका वश में करना मै वायु को रोकने की भाँति अत्यंत दुष्कर मानता हूँ।ध्यान का मतलब है कि हमे पूरे दिन में कुछ समय निकाल कर थोड़ी देर के लिए एकांत स्थान में बैठकर जैसा गीता में बताया गया है वैसे ध्यान करें।क्योकि 

भगवद-गीता के अध्याय 6 में श्लोक || 35 || में भगवान श्री कृष्ण अर्जुन से कहते है कि हे महाबाहो ! निः सन्देह मन चंचल और कठिनतासे वशमें होनेवाला है, परन्तु हे कुन्तीपुत्र अर्जुन ! यह अभ्यास* और वैराग्य से वशमें होता है।योग करने में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि मन उत्तेजित न हो।

भगवद गीता के अध्याय 6 में श्लोक || 19 || में लिखा है कि जिस प्रकार वायुरहित स्थान में स्थित दीपक चलायमान नहीं होता, वैसी ही उपमा परमात्माके ध्यान में लगे हुए योगी के जीते हुए चित्त की कही गई है।जब दीपक वायुरहित स्थान में होता है तो उसकी लौ सीधी रहती है तथा हिलती नहीं।लौ की तरह मन भी कई तरह की इच्छाओं से ग्रसित है तथा थोड़ी सी उत्तेजना से विचलित हो जाता है। मन की अल्पस्थिरता भी सम्पूर्ण चेतना को बदल सकती है।  

ध्यान योग का महत्व 

ध्यान योग (Meditation) आध्यात्मिक रूप में बहुत श्रेष्ठ माना गया है।ये हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। अगर आप रोज ध्यान योग करने का नियम बनाते हो तो आप अपने जीवन में इसका महत्व खुद जान जाओगे जैसा कि इसके बारे में

भगवद-गीता के अध्याय 6 में श्लोक || 27 || में लिखा है।क्योंकि जिसका मन भली प्रकार शान्त है, जो पापसे रहित है और जिसका रजोगुण शान्त हो गया है, ऐसे इस सच्चिदानंदघन ब्रह्मके साथ एकीभाव हुए योगी को उत्तम आनन्द प्राप्त होता है।

भगवद गीता के अध्याय 6 में श्लोक|| 46 || में लिखा है कि योगी तपस्वियोंसे श्रेष्ठ है, शास्त्रज्ञानियोंसे भी श्रेष्ठ  है और सकाम कर्म करनेवालोंसे भी योगी श्रेष्ठ है, इससे हे अर्जुन ! तू योगी हो। 

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Spinach and Kiwi Smoothie | पालक-किवी स्मूथी बनाने की विधि

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Spinach and kiwi smoothie

सामग्री 

  • 12-15 पालक के पत्ते 
  • 1 किवी 
  • 6-8 पुदीने की पत्तियां 
  • काला नमक स्वादनुसार 
  • काली मिर्च स्वादनुसार 

पालक-किवी स्मूथी बनाने की विधि 

  1. सबसे पहले पालक को साफ कर लें और इसके पत्ते तोड़ लें और कीवी को छील लें। 
  2. अब  मिक्सर जार में पालक के पत्ते, किवी, पुदीने की पत्तियां और काली मिर्च को डाल दे। 
  3. अब साडी सामग्री डालने के बाद इसे मिक्सी में ब्लेंड करें। 
  4. स्मूथी बनकर तैयार है। इसे एक गिलास में डालकर ऊपर से बर्फ डाल दे।  
  5. ये बहुत ही स्वादिष्ट और फ्रेशनेस स्मूथी है। 
अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दी गई स्मूथी की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

Apple Smoothie | सेब स्मूथी बनाने की विधि

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Apple Smoothie

सामग्री 

  • 1 बड़ा सेब 
  • 2 टेबलस्पून शहद 
  • 1 टेबलस्पून फ्रेश क्रीम 
  • 3/4 कप गाय का दूध 

सेब स्मूथी बनाने की विधि 

  1. सेब को छील कर छोटे टुकड़ो में काट लें। 
  2. अब एक मिक्सर जार में कटे हुए सेब के टुकड़े, शहद, क्रीम और गाय दूध डाल दे। 
  3. अब इसे ब्लेंड करे और सॉफ्ट स्मूथी बनकर तैयार है। 
  4. इसे बर्फ डालकर सर्व करें। 
अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दी गई स्मूथी की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

Strawberry Smoothie | स्ट्रॉबेरीज स्मूथी बनाने की विधि

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Strawberry Smoothie

सामग्री

  • 5-6 स्ट्रॉबेरीज 
  • 1 कप योगर्ट 
  • 2 टेबलस्पून शहद 
  • 1 टेबलस्पून फ्रेश क्रीम 

स्ट्रॉबेरीज स्मूथी बनाने की विधि 

  1. सबसे पहले मिक्सी का जार लें और उसमे स्ट्रॉबेरीज, योगर्ट, शहद व फ्रेश क्रीम डालें। 
  2. अब इसे कुछ सेकंड के लिए ब्लेंड करें। 
  3. अब 1 गिलास में इसे डालें और थोड़े सी बर्फ डाल दे। 
  4. स्ट्रॉबेरीज स्मूथी बनकर तैयार है। इसे नींबू स्लाइस व स्ट्रो के साथ सर्व करें। 
अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दी गई स्मूथी की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

Apple-Pomegranate Juice | सेब और अनार का जूस

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Apple-Pomegranate juice

सामग्री 

  • 1 छोटा सेब 
  • 1/2 कप अनार 
  • काला नमक स्वादनुसार 
  • नींबू का रस स्वादनुसार 

सेब और अनार का जूस बनाने की विधि 

  1. सेब को छील कर काट ले और उसमे अनार के दाने डाल दे। 
  2. अब मिक्सर जार में सारी सामग्री मिलाकर थोड़ा पानी डाल दे। 
  3. अब इसे 20 मिंट के लिए ब्लेंड कर लें। 
  4. 1 गिलास में जूस को निकाल ले। 
  5. अब इसमें नींबू का रस डाले और तुरंत पीजाये। 

फायदे 

  • शुगर के रोगियों के लिए लाभकारी है। 
  • त्वचा चमकदार बनती है। 
  • लिवर को स्वस्थ रखता है। 
  • वजन कम करता है। 
  • कब्ज में लाभकारी है। 
  • इम्यून सिस्टम अच्छा करता है। 
  • ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है। 
  • पाचन क्रिया में लाभकारी है। 
  • अच्छा सोर्स है विटामिन C और विटामिन K के लिए। 

नोट 

इस जूस को कभी भी बनाकर नहीं रखें जब भी बनाएं तुरंत पिए।क्योकि ये जूस खराब हो जाता है अगर थोड़ा देर भी रखा रहे। 

अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दिए गए ड्रिंक की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

Tomato-Beetroot Juice Recipe | टमाटर-चुकंदर का जूस बनाने की विधि

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Tomato-Beetroot Juice

सामग्री 

  • 1 छोटा टमाटर 
  • 5 पीस कटे हुए चुकंदर 
  • नमक स्वादनुसार 
  • नींबू का रस स्वादनुसार 

टमाटर-चुकंदर का जूस बनाने की विधि 

  1. टमाटर, चुकंदर को धो कर काट लें। 
  2. अब सारी सामग्री मिक्सर  डालें और थोड़ा पानी डालें। 
  3. अब 30 सेकंड के लिए ब्लेंड करे। 
  4. 1 गिलास में डालकर तुरंत पीजाये। 

फायदे 

  • थकान दूर करता है। 
  • खून की कमी दूर करता है। 
  • पेट साफ करता है। 

नोट 

इस जूस को कभी भी बनाकर नहीं रखें जब भी बनाएं तुरंत पिए। 

अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दिए गए ड्रिंक की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

Bitter Gourd-Mint-Spinach Juice Recipe | करेले-पुदीना-पालक का जूस बनाने की विधि

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Bitter Gourd-Mint-spinach Juice

सामग्री 

  • 1 छोटा करेला 
  • 10 पुदीना पत्ती 
  • 8 पालक के पत्ते 
  • नमक स्वादनुसार 
  • नींबू का रस स्वादनुसार 

करेले-पुदीना-पालक का जूस बनाने की विधि 

  1. पहले करेले, पुदीना और पालक को पानी से अच्छी तरह साफ कर लें। 
  2. अब इसमे नमक और नींबू का रस मिला ले। 
  3. अब साडी सामग्री को मिक्सी के जार में डाल कर थोड़ा पानी डाल दे। 
  4. 30 सेकंड के लिए  ब्लेंड करें। 
  5. गिलास में डालें और तुरंत पिजाये। 

फायदे 

  • शुगर लेवल कम करता है। 
  • भूख बढ़ाता है। 
  • त्वचा के लिए भी लाभकारी है। 
  • मोटापा कम करने में मदद करता है। 

नोट 

इस जूस को कभी भी बनाकर नहीं रखें जब भी बनाएं तुरंत पिए। 

अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दिए गए ड्रिंक की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

Bottle Gourd-Cucumber Juice Recipe | लौकी और खीरे का जूस बनाने की विधि

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bottle Gourd-Cucumber Juice

सामग्री 

  • 5 लौकी के मीडियम पीस कटे हुए 
  • 50 ग्राम खीरा 
  • नमक स्वादनुसार 
  • नींबू का रस स्वादनुसार 
  • 1 चम्मच शहद 
  • 1 छोटा टमाटर 

लौकी और खीरे का जूस बनाने की विधि 

  1. लौकी और खीरे को छील कर उसके छोटे-छोटे पीस काट लें। 
  2. इन कटे हुए पीस और टमाटर को मिक्सर जार में डालें और  इसमें थोड़ा पानी डालें। 
  3. अब इसमें नमक शहद और नींबू का रस डालें। 
  4. 20 सेकंड के लिए ब्लेंड करें। 
  5. इस तैयार जूस को 1 गिलास में डेल और तुरंत पीजाये। 

फायदे 

  • वजन घटाता है। 
  • पाचन क्रिया अच्छी होती है। 
  • शरीर को ठंडक देता है। 
  • ह्रदय के लिए लाभकारी है। 

नोट 

इस जूस को कभी बनाकर नहीं रखें नहीं तो ये खराब हो जाएगा। जब पीना हो तभी इस जूस को बनाये।

अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दिए गए ड्रिंक की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

चेहरे के खुले रोमछिद्र दूर करने के घरेलू उपचार | Open Pore Treatment at Home

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face pores

आज मै इस आर्टिकल में आपको चेहरे के खुले रोमछिद्र दूर करने के घरेलू उपचार बतांऊगी। ये बहुत ही सरल और लाभकारी उपचार है।

 कारण 

अक्सर ये खुले रोमछिद्र (Open Pore) ज्यादा ऑयली स्किन होने के कारण होते है या ज्यादा स्क्रब यूज़ करने से भी होते है। अगर आप इनका कोई इलाज नहीं करोगे तो ये बढ़ जाएंगे।गर्मियों में तो और ज्यादा स्किन की केयर करनी चाहिए।

घरेलू उपचार 

  1. अरहर की दाल के दाने के बराबर कत्था लें उसमे गुलाबजल डालें और मिक्स कर लें। इसमें1चम्मच चंदन पाउडर मिला लें। अब इस पैक को चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद चेहरा धो लें। 
  2. आधे चम्मच जौ के आटे में आधा चम्मच मक्का का आटा और चंदन पाउडर गुनगुन पानी में मिलाकर पेस्ट बना ले। इस पैक को चेहरे पर 20 मिनट तक लगाए और  पानी से चेहरे को धो ले।अब जरा सा स्किन टोनर हल्के हाथो से थपथपाएं। 
  3. एक अंडे की सफेदी फेंटकर उसमे आधा चम्मच कियोलिन पाउडर डालकर चेहरे पर लगाए। सूखने पर चेहरा धो लें। 
  4. 1 चम्मच मक्का आटा, पाइनएप्पल जूस, 1 चम्मच नारियल पानी मिक्स करके पेस्ट बना ले और इस पैक को 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगाए। ठंडे पानी से धो लें। 

टिप्स 

  • धुप में जाने से पहले हमेशा सनस्क्रीन लगा कर जाये। 
  • दिन में 3-4 बार टोनर या एस्ट्रिजेंट से अपना चेहरा साफ करें। 
  • खाने में दूध, दही, दाले, सोयाबीन, पनीर आदि का सेवन करें। विटामिन E और प्रोटीन आपके  जरूरी है। 
  • प्रतिदिन 10-12 गिलास पानी पियें। 
  • हमेशा मौसमी फलों का सेवन करें। 
  • तले भुने और मसालेदार भोजन से बचे। 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें उपचार का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें।😊😊

Coriander Greens-Mint Juice | लौकी और खीरे का जूस बनाने की विधि

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Coriander Greens-Mint Juice

सामग्री 

  • 1/2 गड्डी (Bunch) हरा धनिया पत्ती 
  • 20 पुदीना पत्ती 
  • नींबू का रस स्वादनुसार 
  • चुटकीभर काला नमक 
  • चुटकीभर जीरा पाउडर 

हरा धनिया और पुदीने का जूस बनाने की विधि 

  1. धनिया पत्ती और पुदीना पत्ती को तोड़ कर अच्छी तरह पानी से साफ कर लें। 
  2. फिर इसे मिक्सी जार में डालकर थोड़ा पानी और नींबू का रस मिलाएं। 
  3. इसे 30 सेकंड के लिए मिक्सी में ब्लेंड करें। 
  4. फिर इसे एक छोटे गिलास में डालकर तुरंत पिले। 

नोट 

इस जूस को कभी भी बनाकर नहीं रखें जब भी बनाएं तुरंत पिए। 

अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दिए गए ड्रिंक की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

Healthy Drink to Loose Weight

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healthy drink for Loose Weight (Wheat Grass-Spinach Juice)

Wheat Grass-Spinach Juice

सामग्री 

  • 1 छोटी गड्डी (Bunch) वीटग्रास 
  • 12 नग पालक के पत्ते 
  • काली मिर्च और नींबू का रस स्वादनुसार 

बनाने की विधि 

  1. सबसे पहले वीटग्रास और पालक को पानी से अच्छी तरह धो कर एक बाउल में डाल लें। 
  2. फिर उसमे काली मिर्च और नींबू का रस मिलाएं। 
  3. मिक्सी में सारी सामग्री डाल दे और जरा सा पानी डाले आवश्यक्तानुसार। 
  4. 30 सेकंड के लिए मिक्सी में ब्लेंड करें। 
  5. अब एक छोटे गिलास में इस जूस को डालें और तुरंत पी लें। 

नोट 

इस जूस को कभी भी बना कर नहीं रखना है।जब भी आपको पीना हो तभी बनाइये। 

अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दिए गए ड्रिंक की विधि पसंद आये तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने की कृपा करें धन्यवाद। 😊😊

श्वेतप्रदर (लिकोरिया) के 9 घरेलू इलाज | 9 Home Remedies for White Discharge

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white Discharge

 आज मै आपको इस आर्टिकल में श्वेतप्रदर (लिकोरिया) के 9 घरेलू इलाज बताऊंगी जो की बहुत भी लाभकारी उपाय है।अधिकतर कई महिलाओं को White Discharge की problem होती है।इसके होने के कई कारण होते है। अगर White Discharge किसी भी महिला को ज्यादा आता हो तो देर नहीं करनी चाहिए। तुरंत Doctor के पास जाएं और उनकी Advice  लेनी चाहिए।क्योंकि ये जितने भी घरेलू उपाय बताये जाते है वो सिर्फ हमे राहत और कुछ हद तक काम आते है।इसलिए मेरी आपसे हमेशा यही Advice होगी की जब भी आपको शरीर से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्या जैसे एलर्जी, दर्द, घाव, इत्यादि नजर आए तो बिना लापरवाही किए डॉक्टर के पास जाये।हमेशा स्वस्थ रहे, खुश रहें।
  1. कच्चे केले को सुखाकर चूर्ण बना लें और इसमें बराबर मात्रा में गुड़ मिलाकर दिन में 3 बार कुछ दिन तक लेने से आराम मिलता है। 
  2. सुबह कच्ची भिंडी खाने से भी बहुत लाभ होता है श्वेतप्रदर में। 
  3. फालसे का शर्बत पीने से भी श्वेतप्रदर में बहुत आराम होता। है 
  4. गूलर का फूल पीसकर और उसे मिश्री व शहद मिलाकर दिनभर में 2 या 3 बार सेवन करने से श्वेतप्रदर में लाभ मिलता है। 
  5. प्रतिदिन 1 टमाटर रोज खाने से भी श्वेतप्रदर में राहत मिलती है। 
  6. ईसबगोल को रोज एक हफ्ते तक सुबह शाम शर्बत के साथ पीने से आराम मिलता है। 
  7. प्रतिदिन 2-3 केले खाने से श्वेतप्रदर की समस्या दूर हो जाती है। 
  8. शहद के साथ 3 ग्राम आंवले का पाउडर  3 बार चाटने से श्वेतप्रदर में बहुत लाभ मिलता है। 
  9. हरे आंवले को पीसकर जौ के आटे में मिलाकर उसकी रोटी 1 महीने तक खाने से श्वेतप्रदर में राहत मिलती है। 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें नुस्खों का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें।धन्यवाद 😊😊

ओट्स इडली बनाने की विधि | How to Make Oats Idli

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Oats Idli

आज मै इस आर्टिकल में आपको ओट्स इडली बनाने की विधि बताउंगी।जो की सेहत के लिए बहुत ही पौष्टिक है और स्वादिष्ट भी तो लीजिये इसे बनाने की विधि इस प्रकार है।

ओट्स इडली बनाने की सामग्री 

  • 1 कप ओट्स 
  • 1 हरी मिर्च बारीक़ कटी हुई 
  • 1 टीस्पून नींबू का रस 
  • 1 टीस्पून फ्रूट सॉल्ट 
  • 1 कप कटी हुई सब्जियां (गाजर, उबले मटर, शिमला मिर्च, बीन्स)
  • 1/2 कप सूजी 
  • 1/2 कप दही 
  • जरा सा हरा धनिया बारीक़ कटा हुआ 
  • नमक स्वादनुसार 
  • 1 टीस्पून कटा हुआ अदरक 
  • पानी आवश्यकता अनुसार 

तड़के के लिए 

  • 6-7 करी पत्ता 
  • 1 टेबलस्पून तेल 
  • 3/4 टीस्पून सरसो 
  • 1 टीस्पून उड़द दाल के दाने 
  • 1 टीस्पून चना दाल 
  • 1 टीस्पून तेल सांचो में लगाने के लिए 

ओट्स इडली बनाने की विधि 

  1. ओट्स को फ्राईपैन में डालकर हल्का सा भून लें और ठंडा करके मिक्सी में पीस लें और पाउडर बना लें। 
  2. पैन में तेल गर्म करके तड़के वाली सारी सामग्री डालकर 2-3 मिंट भून लें। 
  3. तड़के वाली सामग्री में सारी कटी सब्जियां, अदरक, हरी मिर्च डालकर 1-2 भूनें फिर सूजी मिलाएं और 2 मिनट भूनकर निकाल लें। 
  4. पिसा हुआ ओट्स पाउडर, दही, नींबू का रस मिलाकर मिक्सी में मैश करके मिश्रण तैयार करलें। 
  5. अब ओट्स मिश्रण को निकाल कर सब्जी व सूजी मिलाएं आवश्यक्तानुसार पानी व नमक डालकर गाड़ा बैटर तैयार कर लें। 
  6. इडली बनाने वाले सांचे में तेल लगाएं, तैयार बैटर में फ्रूट सॉल्ट मिलाएं और इस तैयार बैटर को तेल लगे इडली के सांचो में भरे। 
  7. इडली को 8-10 मिनट तक सांचो में पकाये। 
  8. पकने पर थोड़ी देर ठंडा होने दे। फिर सांचो से निकालकर पुदीना या हरी धनिया की चटनी के साथ सर्व करें। इसे आप बच्चों के टिफिन में भी डाल सकते है। 
अगर आपको इस आर्टिकल में दी गई रेसिपी पसंद आए तो आप अपने सुझाव नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में देने की कृपा करें धन्यवाद 😊😊

माइक्रोवेव में दलिया उपमा बनाने की विधि | How to Make Daliya Upma Recipe In Microwave

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How to Make Daily Upma Recipe In Microwave

मै इस आर्टिकल में माइक्रोवेव में आपको दलिया उपमा बनाने की विधि बताउंगी। जो दलिये से बनती है।ये डिश खाने में तो स्वादिष्ट होती ही है।इसके साथ-साथ सेहत के लिए भी अच्छी है।

सामग्री 

  • 1 छोटा चम्मच नींबू का रस 
  • 1 कप दलिया 
  • 1 गाजर बारीक़ कटी हुई 
  • 2 बड़े चम्मच मटर के दाने 
  • 2 बड़े चम्मच हरा धनिया बारीक कटा हुआ 
  • 2 बड़े चम्मच ऑलिव ऑयल 
  • 1/2 कप फूलगोभी छोटे फूल में कटी हुई 
  • 4-5 बीन्स बारीक़ कटे हुए 
  • 1/2 छोटा चम्मच सरसों (राई)
  • 1-1/2 छोटा चम्मच नमक 1/4 छोटा चम्मच हल्दी 
  • 1/2 छोटा चम्मच चीनी 
  • 1 छोटा चम्मच नींबू का रस 

दलिया उपमा बनाने की विधि

  1. डिश ट्रे में 1 बड़ा चम्मच ऑलिव ऑयल डाले और 1 मिंट माइक्रोवेव करें। फिर उसमे दलिया डालें और मिलाये। 2 मिनट माइक्रोवेव करें फिर उसे मिलाये और 2 मिनट के लिए दुबारा माइक्रोवेव करें। अब इस डिश ट्रे को बाहर निकाले।
  2. अब साफ डिश ट्रे में 1 बड़ा चम्मच ऑलिव ऑयल और राई डालकर 2 मिनट माइक्रोवेव करें। 
  3. अब सब्जिया, हरा धनिया और 1/2 छोटा चम्मच नमक डाल दे और सको मिक्स कर ले इसे ढककर 3 मिनट तक माइक्रोवेव कर लें। 
  4. चीनी, नमक हल्दी डाल कर मिक्स करे और फिर दलिया डाल कर मिलाये। 2 कप पानी डालें और ढककर 10 मिनट के लिए माइक्रोवेव करें। 
  5. इसमें नींबू का रस आवश्यकता अनुसार मिलाए और सर्व करें। 
अगर आपको इस आर्टिकल में दी गई रेसिपी पसंद आए तो आप अपने सुझाव नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में देने की कृपा करें धन्यवाद 😊😊


7 Kitchen Tips

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मै इस आर्टिकल में आपको 7 Kitchen Tips बतांऊगी।जो आपके रसोई घर के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होंगे।
  1. हरी मिर्च के डंठल को तोड़कर फ्रिज में रखने से वे जल्दी खराब नहीं होती। 
  2. 10 से 15 मिनट के लिए बादाम को गरम पानी में डाल दे तो उसका छिलका आसानी से उत्तर जायेगा। 
  3. दालों को कीड़ो से बचाने के लिए उसमे कैस्टर आयल की कुछ बूंदे डाल दे। 
  4. मिर्च के डिब्बे में जरा सी हींग डालने से वे खराब नहीं होती और ज्यादा दिन तक चलती है। 
  5. चीनी में चीटियां न आये इसके लिए उसमे 2-4 लौंग डाल दे। 
  6. भिंडी काटते समय चाकू पर जरा सा नींबू रगड़ लें इससे भिंडी का लेस चाकू पर नहीं चिपकेगा। 
  7. चावलों में नमक मिलाकर रखने से उनमें कीड़े नहीं लगते। 
अगर आपको मेरे इस आर्टिकल में दिए किचन टिप्स पसंद आएं तो आप अपने सुझाव नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में दीजिये। 😊😊

9 cooking Tips

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9 Cooking Tips

मै इस आर्टिकल में आपको 9 Cooking Tips के बारे में बताउंगी।ये टिप्स हमारे रोज की कुकिंग में बहुत ही Useful है। 
  1. फूलगोभी बनाते समय उसमे 1 चम्मच सिरका डाल दें इससे फूलगोभी का फीका नहीं पड़ेगा। 
  2. रोटी का आटा गूंथते समय 2 चम्मच दूध मिला लें इससे रोटी मुलायम और स्वादिष्ट बनती है। 
  3. काले चने या सफेद छोले अगर आप भिगोना भूल जाएं तो उसे उबलते हुए पानी में 1 से 2 घंटा भिगोये और फिर उबालें इससे यह जल्दी गलेंगे। 
  4. चावल को बनाते समय जरा सा देसी घी, नमक, नींबू का रस और जीरा डाले इससे चावल खिले खिले बनते है। कोशिश करे की चावल कढ़ाही में बनाये। 
  5. रायता बनाते समय उसमें नमक न डालें नहीं तो रायता खट्टा हो जाता है।जब खाना हो तभी नमक डाले।
  6. दाल का चिल्ला बनाते समय दाल के बेटर में 2 चम्मच चावल का अत मिला ले। इससे चिल्ले क्रिस्पी बनेगे। 
  7. कटे हुए सेब पर नींबू का रस लगाने से सेब काला नहीं पड़ता। 
  8. इडली या डोसे का बेटर खट्टा हो गया हो तो इसमें नारियल का दूध मिला लें। इससे खट्टापन कम हो जायेगा। 
  9. अंडे उबालते समय एक चुटकी नमक दाल दें और तेज आंच पर उबालें। जब अंडे उबल जाएं तो ठंडे पानी में डाल दे इससे अंडे आसानी से छील जाते है। 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें कुकिंग टिप्स का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें। 😊😊

आम से बनी रेसिपी बनाने की विधि | Mango Recipe

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rote aam ki recipe

इस आर्टिकल में आपको मै आम से बनी रेसिपी बनाने की विधि बताउंगी | Mango Racipe। गर्मियों के मौसम में सबको आम बहुत अच्छे लगते है। इसलिए आज में आपको आम की ही बनी एक रेसिपी बताउंगी।जिसकी विधि इस प्रकार है।

सामग्री 

  • छोटी इलायची पाउडर चुटकी भर 
  • 1 आम 
  • 1 टेबलस्पून किशमिश 
  • 1 कप सूजी 
  • 1 टेबलस्पून पिस्ता 
  • 3/4 कप शक़्कर 
  • 3/4 कप दूध 
  • 1/4 कप शुद्ध देसी घी 
  • जरा सा केसर 
  • जायफल चुटकी भर 
  • जरा सा सोडा 

आम से बनी रेसिपी बनाने की विधि 

  1. सूजी और घी को मिलाएं। अब इसमें दूध और शक़्कर मिलाकर कम से कम 1 घंटे के लिए अलग रख दे। 
  2. मिक्सर में आम का पल्प बना लें। 
  3. सूजी के मिश्रण में बाकी बची इंग्रीडियंट्स भी मिला लें और पूरे मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं। 
  4. छोटी बेकिंग डिश को घी से ग्रीस करें। मिश्रण को बेकिंग डिश में डालें। 
  5. अब इसे प्रीहीटेड oven में 40 मिनट के लिए 180 डिग्री पर बेक कर लें 
  6. इसे ठंडा करने के बाद serve करें। 
अगर आपको मेरी ये रेसिपी पसंद आये तो जरूर नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव लिखकर हमें सूचित करें 😊😊

मोटापा कम करने के 7 घरेलू उपाय | 7 Home Remedies to Reduce Body Fat

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Fat lady

इस आर्टिकल में आपको मै मोटापा कम करने के 9 घरेलू उपाय बताउंगी।
  1. मूली को शहद के साथ खाये।इससे मोटापा कम  होता है। 
  2. 3-4 महीने तक रोजाना सुबह 10-12 करीपत्ता खाएं। यह फैट गलाने में सहायक है। 
  3. प्रतिदिन सुबह के नाश्ते के साथ 2 टमाटर खाएं।यह आपके कैलोरी इनटेक को कम करता है। 
  4. रोजाना ग्रीन टी पीनी चाहिए क्योकि ये वजन कम करती है। 
  5. 3 चम्मच नींबू के रस में आधा ग्राम काली मिर्च का पाउडर और शहद मिलाकर 3-4 महीनों तक पीने से वजन कम होता है। 
  6. सुबह उठते ही 1 गिलास गुनगुन पानी में नींबू का रस 1 चम्मच शहद के साथ मिलाकर पियें। मोटापा कम होगा। 
  7. गन्ने का पुराना सिरका 10 से 20 ग्राम तक पानी से भरकर 1 गिलास में डालकर हिला ले और पीजाये। प्रतिदिन 1 महीनें तक पीने से मोटापा कम होने लगेगा। 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें नुस्खों का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें।😊😊

हिचकी रोकने के 11 घरेलू नुस्खे | 11Home Remedies to stop Hickups Immediately

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Hichki Rokne Ke 11ghrelu Nuskhe

आज मै आपको इस आर्टिकल में हिचकी रोकने के 11 घरेलू नुस्खे के बारे में बताउंगी।जो की बहुत असरदार घरेलू इलाज है।
  1. सोंठ को पानी में पीसकर सूघंने से हिचकी तुरंत बंद हो जाती है।
  2. मूली के 3-4 पत्ते खाने से भी फायदा होता है। 
  3. 1 गिलास गुनगुन पानी पीने से हिचकी दूर होती है। 
  4. अदरक का रस काली मिर्च और नींबू का रस मिलाकर चाटने से भी हिचकी बंद हो जाती है। 
  5. 10 ग्राम तुलसी दल, 10 ग्राम काली मिर्च और 2 ग्राम छोटी इलायची को एक साथ पीसकर चूर्ण बनाए। इसे 3-4 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ चाटें। 
  6. अनार का छिलका उबालकर उसमें पुराना गुड़ मिलाकर पीने से हिचकी आनी तुरन्त बंद हो जायेगी। 
  7. गाय के गर्म दूध में गाय का घी मिलाकर पिये। 
  8. 2-3 लौंग चबाकर थोड़ा पानी पी लें। 
  9. 3 चम्मच नींबू के रस में थोड़ा सा नमक मिलाकर पीने से हिचकी दूर हो जाती है। 
  10. बड़ी इलायची का चूर्ण मिश्री के साथ लेने से भी हिचकी दूर होती है। 
  11. गेरू को आग पर भूनकर उसका 1 ग्राम चूर्ण, 10 ग्राम शहद में मिलाकर चाटें। हिचकी आना बीएड हो जायेगा। 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें नुस्खों का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें।😊😊

मुंह से बदबू दूर करने के 8 घरेलू इलाज | 8 Home Remedies to Prevent Bad Odour from Mouth

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bad smell from mouth

आज मै इस आर्टिकल में मुंह से बदबू दूर करने के 8 घरेलू इलाज आपको बताउंगी।जो की अक्सर हम देखते है की कभी-कभी किसी से बात करते समय बड़ी गन्दी बदबू आती है.इसके कई कारण होते है जैसे सही ढंग से ब्रश न करना, खाने के बाद कुल्ला न करना, माउथ फ्रेशनर यूज न करना इत्यादि। इसे हम कैसे दूर करें तो लीजिये इसके कुछ घरेलु उपाय जो इस प्रकार है।
  1. प्रतिदिन भोजन के बाद 1 लौंग मुंह में रखकर चूसने से मुंह से बदबू नहीं आती। 
  2. खाने के बाद सौंफ चबाने से भी मुंह की दुर्गंध दूर होती है। 
  3. मुंह से आने वाली बदबू को सूखा धनिया चबाकर दूर किया जा सकता है। 
  4. मुलेठी और छोटी इलायची चबाने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है। 
  5. नीम या बबूल से दातून करना भी बेहद फायदेमंद है। 
  6. जामुन के हरे पत्ते या तुलसी के हरे पत्ते मुंह में रखकर पान की तरह चबाने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है। 
  7. 1 गिलास गुनगुने पानी में 1 टेबलस्पून अदरक का रस और 1 टेबलस्पून नींबू का रस मिलाकर कुल्ला करने से मुह की बदबू दूर हो जाती है। 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया तो इसमें लिखें नुस्खों का प्रयोग कर परिणाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सूचित करने की कृपा करें।😊😊

आँखो से पानी बहने पर करें ये 7 घरेलू इलाज | 7 Home Remedies to cure watery eyes

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eyes water

मै इस आर्टिकल में आपको आँखो से पानी बहने पर करें ये 7 घरेलू इलाज बताउंगी जो की बहुत ही लाभकारी है।
  1. रात को त्रिफला पानी में भिगो दें। सुबह उस पानी को निथार कर आँखो पर छींटे मारने से पानी बहना बंद हो जाएगा। 
  2. धनिये-पुदीने की चाय में चुटकी भर नमक डालकर पियें। 
  3. रात को गर्म पानी में नमक डालकर पियें। 
  4. 2 छोटी इलायची पीसकर रात को 1 गिलास दूध में उबालकर पियें इससे भी बहुत लाभ मिलेगा। 
  5. आँखे बंद करके पलकों पर नीम के पत्तो की लुगदी रखें।इससे आंख से पानी बहना बंद होगा। 
  6. 25-30 ग्राम मुनक्का रात को  भिगों दें और उसे सुबह खाकर वही पानी पियें। 
  7. रात को 5 काली मिर्च चबाकर ऊपर से 1 गिलास गर्म दूध पिने से बहुत लाभ होता है। 
आपने इस आर्टिकल को देखा इसके लिए आपका धन्यवाद करते है | इसमें दिए गए नुस्खो को प्रयोग कर परिणाम नीचे कमेंट में सूचित करने की कृपा करें | 😊😊

2 घण्टे में मंगाए राशन और सब्ज़ी राजनगर एक्सटेंशन गाज़ियाबाद में | In 2 Hours Get Delivered Grocery and Vegetables in Raj Nagar Ghaziabad

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आज मै इस आर्टिकल में आपको बताउंगी की कैसे आप 2 घण्टे में मंगाए राशन और सब्ज़ी राजनगर एक्सटेंशन गाज़ियाबाद में।

Step-1

सबसे पहले आप Apps Store पर जाकर amazon की Prime Now App Download करें।

amazon prime now

Step-2

दूसरा आप जब App Download कर लेंगे तो व आपके एरिया का Pin code पूछेगा। तब आपको 201017pin code डालना है।अगर आप 201003 pin code डालते हो तब वे Delivery नहीं show करेंगा

pincode201007

Step-3

तीसरा आपको जो भी सामान मंगाना है उसे आप Cart में Select करेंगे। 

Cart

Step-4 

अब आपको ये 2 option दिखायेगा SPAR Hypermarket और Nowstor aFulfilled अब आपको दोनों में से एक option चुनना है और order Place कर देना है। ये आपसे Time पूछेगा आपको जो time ठीक लगे वो सलेक्ट करना है फिर ये आपसे आपका address पूछेगा आपको इसमें अपने घर का पता, एरिया ,पिनकोड नंबर, फ़ोन नंबर, शहर और स्टेट लिखना होगा। 

2 option

Step-5 

अब आपको ये payment option पूछेगा।आपको 1 option चुनना है और आपका order place हो जायेगा।आपको 2घंटे में  Delivery हो जाएंगी। 

आपने इस आर्टिकल को पढ़ा इसके लिए आपका धन्यवाद करते है | कृपया अपनी राये नीचे कमेंट सेक्शन में सूचित करने की कृपा करें | 😊😊