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Showing posts from March, 2019

सुखी जीवन कैसे जिएं?

मनुष्य सुखी हो दुख से दूर रहे यह चाहता तो है पर इसके लिये पूरी तरह से प्रयत्न नहीं करता और जो करता भी है तो गलत ढंग और विपरीत दिशा में करता है लिहाजा दुखी होता रहता है। दोस्तों इस आर्टिकल में बड़े सरल और व्यवहारिक ढंग से सुखी जीवन कैसे जिएं, इस विषय पर युक्ति युक्त प्रकाश डाला गया है।

सभी लोग जानते है की हर आदमी सुख चाहता है। दुख कोई नहीं चाहता और यह तथ्य भी किसी से छिपा नहीं है कि दुख जब तब बिना बुलाये आता रहता है परन्तु सुख के पीछे निरन्तर भागने वालों को भी सुख के दर्शन कभी कभार ही हो पाते है और वह भी स्थायी नहीं होता। सुख आता है और भाग जाता है। इसके कारण पर विचार करने से पता चलता है कि दुख और रोग भगवान ने हमारे लिये नहीं बनाये बल्कि यह सब हमारे दोषों और असंयम के परिणाम स्वरूप आते है। लेकिन हम अपने अहम् की सुरक्षा में इनका कारण ईश्वर को मानते है।
विद्वानों के मतानुसार दुःखों को पाँच भागों में बांटा जा सकता है   (1)इन्द्रियों मे थकावट, (2) दूसरा शरीर में रोग, (3) मन में चिन्ता, (4) बुद्धि में भय, (5) अहं में वियोग। अब देखना यह है कि हमारा क्या दोष है। हमारा दोष है समाज में प्रचलित …

पुष्पों (फूलों) द्वारा होने वाले स्वास्थ्य लाभ

दोस्तों आज में आपको इस आर्टिकल में पुष्पों (फूलों) द्वारा होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में बताउंगी। कोण सा पुष्प किस प्रकति का होता है और उसके गुण क्या है। स्वास्थ्य संम्बन्धी विषय में उसका किस प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है।

आशा है की इस आर्टिकल में बतायी गई जानकारी आप सबको रोचक व उपयोगी प्रतीत होगी। किसी हरे भरे पुष्प पल्ल्वीत उद्यान में प्रवेश करने पर कौन ऐसा व्यक्ति होगा जिसका मन वहां प्रवाहित मंद -मंद खुशबु से प्रफुलित न हो उठेगा। परंतु ये कहा जाय की ये मानव हृदय में खुशबु ही प्रफुलित नहीं करते बल्कि अनेक रोगो में भी लाभदायक होते है। अधिकांश व्यक्ति सहज ही विश्वास नहीं करेंगे किन्तु यह कल्पना नहीं वास्तविकता है।

विशव के अनेक देशों में हुए अनुसंधानों के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है की इन सुमन-किसलयों की सुगंध में किसी ब्राह्म औषधि की अपेक्षा अनेक रोगों के उपचार की अद्भुत क्षमता विधमान है। संभवता सुगंध चिकित्सा पद्धति से हमारे प्राचीन ऋषिगण परिचित थे तभी आयुर्वेदिक ग्रंथो में उन्होंने पुष्पों के गुण व उपयोग के विषय में विस्तार से चर्चा की है।

पुष्प-सुगंध का मानव के जीवन पर उ…

अमरुद से होने वाले घरेलू इलाज

दोस्तों आज में अपने इस आर्टिकल में आपको अमरुद से होने वाले घरेलू इलाज के बारे में बताउंगी। अमरुद एक सस्ता और स्वादिष्ट फल होता है। इसे कच्चा भी खाया जाता है और सब्जी के रूप में भी। मै यहां इसका औषधि रूप में परिचय देते हुए इसके कुछ विभिन्न प्रयोग प्रस्तुत कर रही हूँ जिनसे कुछ व्याधियों को दूर किया जा सकता है और इस प्रकार अमरुद को घरेलू इलाज में प्रयोग कर लाभ उठाया जा सकता है।
अमरुद से होने वाले घरेलू इलाज  (सर्दी)  रुका हुआ जुकाम ठीक करने में अमरुद का जवाब नहीं। जुकाम रुक कर ठस हो जाए तो बिना बीज के एक अमरुद का गुदा खाकर ऊपर से एक गिलास पानी पीने से जुकाम बह निकलता है। पानी पीते समय नाक के दोनों नथुने बंद रखना चाहिए और पानी पीने के बाद छोड़ी जाने वाली सांस मुंह से फेकना चाहिए नाक से नहीं। इस प्रकार 2-3 प्रयोग एक दिन में करना चाहिए। यदि जरूरत हो तो दूसरे दिन भी यह प्रयोग करें। जुकाम बहने लगे तब बंद कर दे। 1-2 दिन जुकाम खूब निकल जाए तब रात को 50 ग्राम गुड़ खाकर बिना पानी पिए सो जाए। जुकाम ठीक हो जाएगा। (खांसी) एक पूरा अमरुद आग में भून कर 2-3 दिन खाने से खांसी का कफ निकल जाता है और खांस…

ग्लिसरीन के विविध प्रकार से उपयोग

दोस्तों आज में इस आर्टिकल में आपको ग्लिसरीन के विविध प्रकार से उपयोग करना बताउंगी। ग्लीसरीन को उपयोग करने की कुछ हितकारी विधियाँ यहां प्रस्तुत की जा रही है। जिनका उपयोग कर लाभ उठाना चाहिए। ग्लिसरीन हमारे सौन्दर्य को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण उत्पादकों में से एक है ये मुख्य रूप से चेहरे की त्वचा को नमी देती है। लेकिन ग्लिसरीन को इस्तमाल करने के और भी कई तरीके है। ग्लीसरीन से आप सभी परिचित है अतः इसका परिचय देनें की आवश्यकता नहीं। इसके कुछ घरेलू प्रयोग प्रस्तुत है। 
ग्लिसरीन को प्रयोग करने की कुछ लाभकारी विधियाँ (1) 50 ग्राम ग्लिसरीन में 10 ग्राम बोरिक पाउडर मिलाकर जीभ के छालों पर लगाने से छालों में आराम होता है। बोरिक पाउडर की जगह सुहागा भी पीसकर मिलाया जा सकता है। इसके साथ 10 ग्राम (1चम्मच) शहद मिलाने से इसकी गुडवत्ता और भी बढ़ जाती है। अकेला ग्लिसरीन लगाने से भी छालों के कष्ट में तुरन्तआराम मिलता है।

(2) त्वचा और होठों पर ग्लिसरीन लगाने से त्वचा और होंठ फटते नहीं। इससे शरीर और खास तौर पर पैरों पर मालिश करने से थकान मिटती है और त्वचा स्निगध रहती है।

(3) गले में खराश होने पर ग्लिसरी…

नीम के गुणकारी प्रयोग

दोस्तों आज में अपने इस आर्टिकल में आपको नीम के गुणकारी प्रयोग बताउंगी जो हमारे लिए बहुत लाभकारी होते है। दोस्तों कहावत है कि-उपदेश की बातें और नीम की पत्तियां कड़वी होने पर भी गुण में उत्तम होती है। यहां कुछ गुणकारी विवरण प्रस्तुत है। नीम का उपयोग औषधि हेतु कई प्रकार से किया जा सकता है। नीम की दातूनदांत व मसूड़ों को स्वच्छ निरोग और मजबूत रखने में बेजोड़ है। इसकी पत्तियों को प्रयोग करने के कुछ तरीके प्रस्तुत है।
(नीम की सेवन विधियां) (1) इन दिनों नीम की नई पत्तियां आती है। प्रातः घूमने के लिए जाए तब 20-25 कोंपलें तोड़ लें और साफ करके खूब चबाचबा कर खाएं। जब तक कोंपलें उपलब्ध रहें तब तक वह प्रयोग जारी रखें। यह बहुत ही गुड़करी प्रयोग है। 
(2) नीम की कोमल पत्तियों में इमली व गुड़ मिलाकर चटनी पीस लें और भोजन के साथ खाए। यह भी बहुत लाभकारी प्रयोग है। 
(3) नीम की पत्तियां पीस लें। इसमें जरा सा काला नमक व सेंधा नमक मिलाकर गोल बेल बराबर गोलियां बना लें। प्रतिदिन 2 गोली प्रातः समय सेवन करें। 
(4) नीम की 10 पत्ती और 5 कालीमिर्च मिलाकर पीस लें। यह एक खुराक है। ताजे जल के साथ प्रातः 1 गोली लें। 
(5) नी…

नींबू के विविध प्रकार के घरेलू उपाय

दोस्तों आज में अपने इस आर्टिकल में आपको नींबू के विविध प्रकार के घरेलू उपाय बताउंगी जो की बहुत लाभकारी है। गर्मियों के दिनों में नींबू का सेवन करना बहुत ही अच्छा माना जाता है।नींबू   से अनेक प्रकार के फायदे होते हैऔर नींबू में भारी मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। नींबू एक वरदान है जिसका प्रयोग हम कई प्रकार की बीमारियों व त्वचा से जुडी कई समस्याओं में कर सकते है। यू कहे तो नींबू एक फायदे अनेक तो चलिए जानते है की नींबू का प्रयोग हम किन किन बीमारियों व त्वचा से जुडी समस्याओं में कर सकते है।
(कब्ज़ नाशक) प्रातः काल गुन गुने पानी में एक नींबू निचोड़ कर पीने के बाद शौच जाएं कुछ दिन तक नियमित यह प्रयोग करने से क़ब्ज़ मिट जाता है और पेट ठीक से साफ होने लगता है। (डायरिया) एक गिलास ताजी छाछ में नींबू निचोड़ कर पीने से तुरंत आराम मिलता है और मोशन आना बंद हो जाते है दिन में इसको आप 2 बार पी सकते है।  (चेहरे की कान्ति) नींबू काट कर चेहरे पर हल्के हाथो से रगड़ें और आधा घंटे बाद ठंडे जल से धो लें। लगातार इसे प्रयोग करने से चेहरे की त्वचा स्वच्छ और कान्ति पूर्ण हो जाती है। (बालों के लिए) बाल झड़ना…

तुलसी के विविध प्रकार के घरेलू नुस्खे

दोस्तों में आज अपने इस आर्टिकल में तुलसी, के विविध प्रकार के घरेलू नुस्खे बताने जा रही हूँ जो की बहुत लाभकारी है जिनका उपयोग कर आप घर बैठे, कम खर्च और कम समय में  छोटी मोटी व्याधि से मुक्ति पा सकते है। तुलसी का पौधा बहुत ही गुड़कारी होता है ये तो आप सब जानते ही होंगे जिस प्रकार शरीर धारियों में मनुष्य, वृक्षों में पीपल का वृक्ष, नदियों में पवित्र गंगा नदी और पर्वतों में विशाल हिमालय पर्वत है उसी प्रकार पौधो में तुलसी का पौधा सर्वश्रेष्ठ है। तो चलिए आज जानते है की हम इन नुस्खों को घर पर ही किस प्रकार प्रयोग में लाये और इनका लाभ उठाए।
तुलसी के विविध प्रकार के घरेलू उपाय  (शिशु कास रोग)           श्यामा तुलसी का रस 10 बूंद और अजवाइन का महीन चूर्ण समान मात्रा में लेकर चार गुने शहद में मिला लें। यह 1 खुराक हुई। ऐसी 3 खुराक प्रतिदिन देने से बच्चों को खांसी से छुटकारा मिल जाता है। (दांत निकलते समय) तुलसी की 50 पत्ती आधे गिलास पानी में डालकर खूब उबालें। अच्छी तरह उबाल कर छान लें। इसे दो खुराक में सुबह शाम बच्चे को पिलाने से दांत सरलता से निकलते हैं।
(दूध फेंकना) पेट खराब होने पर बच्चे दूध…

हाइपर एसिडिटी (अम्लपित्त)

दोस्तों आज कल गलत आहार विहार और स्वाद के कारण हाइपर एसिडिटी (अम्लपित्त)की शिकायत अधिकांश स्त्री पुरुषों में होती जा रही है। नाना प्रकार के चटपटे, तीखे, मिर्च मसाले वाले खट्टे और तले हुए पदार्थो का अधिक सेवन और समय असमय भोजन करने से पाचन प्रक्रिया बिगड़ती है, त्रिदोष कुपित होते है और उदर व्याधियां पैदा होती है। हाइपर एसिडिटी (अम्लपित्त) इन व्याधियों में प्रमुख है इस विषय में लापरवाही करने से अन्य व्याधियां भी उठ खड़ी होती है, अतः जितनी जल्दी इस व्याधि से मुक्ति प्राप्त कर ली जाए उतना ही अच्छा है।तो आज में अपने इस आर्टिकल में आपको हाइपर एसिडिटी (अम्लपित्त) होने के कारण, लक्षण व घरेलू उपाय बताउंगी।  हाइपर एसिडिटी (अम्लपित्त) के कारण  हाइपर एसिडिटी (अम्लपित्त) होने के प्रमुख कारण इस प्रकार है। पहले किए हुए भोजन के भलीभांति पच जाने से पहले ही भोजन कर लेना, कम मात्रा में भोजन करना या बिलकुल ही भूखे रहना, अधिक मात्रा में और बार बार खाना, भूख के समय भोजन न करना और भूख समाप्त हो जाने पर भोजन करना, बासा और दूषित आहार लेना, अधिक खटाई और मिर्च मसले युक्त खारे, तले पदार्थो का अति सेवन करना, भोजन…

लौकी से बने 3 तरह के व्यंजन

दोस्तों आज में आपको लौकी से बने 3 तरह के व्यंजन बनाना बताउंगी। लौकी से कई व्यंजन बनाए जा सकते है स्वीटडिश भी बना सकते है जो की बहुत स्वादिष्ट बनती है। तो आप ये लौकी से बने  3 व्यंजन घर पर जरूर बनाए और अपने परिवार के साथ इस व्यंजनों का मजा लें।  (1) लौकी का हलवा  सामग्री 1 किलो लौकी  2 लीटर दूध  100 ग्राम पिसी चीनी (शक़्कर) या अंदाज से  100 ग्राम किशमिश  8-10 इलायची  बनाने की विधि  लौकी को छीलकर उसके बीज निकालकर कद्दूकस कर लें अब दूध को कड़ाही में डालकर उबाल लें फिर उसमे किसी हुई लौकी डाल दे और धीमी आँच पर उबलने दे, जब लौकी गल जाए और पूरा मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो उसमें पिसी हुई शक़्कर अंदाज से डाल दे, साथ ही किशमिश भी डाल दें अब इसे आँच पर से उतार लें और लीजिए गरमा गर्म हलवा तैयार है। (2) लौकी की बर्फी  सामग्री  1 किलो लौकी  2 किलो मावा (खोया) 250 ग्राम नारियल का बुरा (पिसा नारियल) 8-10 इलायची चीनी स्वादानुसार  बनाने की विधि  लौकी को किस लें फिर उसमें मावा मिला लें और कड़ाही में डालकर धीमी आँच पर धीरे धीरे भून लें जब भुनने की खुशबु आने लगे तो उसमे नारियल का बुरा डाल दे तथा इलायची पीस …

चावल से बने 3 तरह के व्यंजन

दोस्तों आज में आपको चावल से बने 3 तरह के व्यंजन बनाना बताउंगी। चावल से कई व्यंजन बनाए जा सकते है स्वीटडिश भी बना सकते है जो की बहुत स्वादिष्ट बनती है और चावल तो सबको ही अच्छे लगते है तो आप चावल से बने  3 व्यंजन घर पर जरूर बनाए और अपने परिवार के साथ इस व्यंजनों का मजा लें।  (1) नवरतन पुलाव  सामग्री 250 ग्राम चावल 50 ग्राम प्याज100 ग्राम घी 25 ग्राम अदरक 7-8 लौंग काली मिर्च आधी चम्मच 6-7 छोटी इलायची दालचीनी जरा सी 1 चम्मच जीरा 100 ग्राम पनीर 100 ग्राम मटर1 चम्मच खसखस हरी मिर्च स्वादनुसार काजू, पिस्ता, किशमिश आवश्यकता अनुसारनमक, हींग स्वादनुसार नवरतन पुलाव बनाने की विधि  चावल साफ कर आधा घंटे तक पानी में भिगोएं। सूखे मेवे और पनीर के टुकड़े घी में तलकर रख लें।प्याज अदरक काट कर भून लें।हींग जीरा लौंग काली मिर्च दालचीनी और इलायची भी भून लें व हिला दें। थोड़ी देर बाद इनमें चावल और थोड़ा पानी डालकर एक चम्मच खाने का रंग पानी में घोल कर डाल दें और पकने के लिए गैस पर चढ़ा दें। जब चावल पकने के करीब हो तब पनीर के टुकड़े डाल कर पतीले को गैस पर रख कर धीमे धीमे पकने दें। पानी जब सूख जाये तब नीचे उतार…

पनीर से बने 3 तरह के व्यंजन

दोस्तों आज में अपने इस आर्टिकल में आपको पनीर से बने 3 तरह के व्यंजन बनाना बताउंगी। पनीर से बने व्यंजन स्वादिष्ट तो होते ही है और पौष्टिक भी होते है। पनीर में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। पनीर ज्यादातर सभी लोगों को पसंद होता है।  (1) पनीर पराठा सामग्री  200 ग्राम पनीर किसा हुआ  आटा आवश्यकता अनुसार  अजवायन आवश्यकता अनुसार  नमक आवश्यकता अनुसार  लाल मिर्च आवश्यकता अनुसार  हरी मिर्च आवश्यकता अनुसार  हरा धनिया आवश्यकता अनुसार विधि  किसे हुए पनीर में सब मसालें मिला कर स्टाफिंग तैयार कर लें। पराठे का आटा गूंध लें व लोई बनाकर पराठे बेलें व बीच में पनीर की स्टाफिंग भरे। पराठे को रोल कर हाथ से चपटाकर लम्बाई पर घी लगाकर फिर पुनः लोई करके सूखे आटे का पलथन लगा कर बेलें व तवे पर पराठे की तरह घी लगा कर सेकें। ये पराठे चाय नाश्ते के टाइम परोसें। (2) पनीर कोरमा  सामग्री  1 कप पनीर किसा हुआ  2 टमाटर बारीक़ कटे हुए  2 हरी मिर्च लम्बी कटी हुई  हरा धनिया स्वादनुसार  नमक, मिर्च स्वादनुसार  हल्दी, गर्ममसाला स्वादनुसार थोड़ी काजू, किशमिश  अदरक किसा हुआ आधा कप उबले मटर  जरा सी हींग व घी विधि   घी गर्…

संस्कार

दोस्तों आज में अपने इस आर्टिकल में बच्चो को दें अच्छे संस्कार के बारे में चर्चा करुंगी जो हमें अपने माता पिता से मिलते है।बच्चे कच्ची मिट्टी के सामान होते है जिस तरह कच्ची मिट्टी को कुम्हार बर्तन बनाने के लिए जिस आकार में ढालता है और उस आकार का बर्तन बनने के बाद जब सूख कर तैयार हो जाता है तब उसे तोड़ कर भी हम दुबारा कोई और आकार में नहीं ढाल सकते उसी तरह हम बच्चो को भी बचपन से ही जो सिखाते हे और जो संस्कार देते है वो बड़े होने के बाद नहीं बदल सकते।
 संस्कार क्या हैं? संस्कार के विषय में चर्चा शुरू करने से पहले इसकी परिभाषा प्रस्तुत कर देना जरुरी है ताकि विषय को हम पर्याप्त गहराई तक समझ सके और लाभ उठा सकें। किसी पदार्थ का संस्कार करने का मतलब है इसके मौलिक गुण, रूप और उपयोगिता में परिवर्तन और नवीनता उत्पन्न करना। किसी द्रव्य में गुणों का अन्तर करना या स्थापना करना 'संस्कार करना' है।
 उदाहरण  उदाहरण के लिए किसी पदार्थ को संस्कारित करने के लिए आधार, समर्क, संयोग, मिश्रण आदि जरुरी होता है। इन विधियो से किसी पदार्थ को संस्कारित करने से इसके मूल गुणों में परिवर्तन हो जाता है, व…

बच्चों को ना कहना सीखिए (परवरिश)

दोस्तों आज मै अपने इस आर्टिकल में आपसे बच्चों को ना कहना सीखिए के बारे में अपनी राय शेयर करुंगी। मेरा मानना है कि जब बच्चे अभिभावकों के साथ किसी भी बात पर अपनी सहमति या असहमति व्यक्त करते है तो वे खुद को सही ठहराना और समझौता करना सीखते है इसलिए जरुरी है कि आप जब भी उन्हे ना कहे तो सकरात्मक और सही ढंग से कहें इसमें में आपकी मदद करना चाहूंगी। हम सभी अपने बच्चो को लेकर काफी भावुक होते है। हम सभी अपने बच्चो को सम्मानित और सम्पन जीवन देना चाहते है परन्तु जब भी हम अपने बच्चों को जिंदगी में अनुशासन सिखाना चाहते है, तो हमें उनको 'ना' चाहते हुए भी कई चीजों के लिए ना कहना पड़ता है। लेकिन अगर हम उनकी हर मांग को पूरा करते हैं या उन्हें किसी भी चीज़ के लिए गलत ढंग से मना करते हैं तो इससे उनका व्यवहार प्रभावित होता हैं। बच्चे को बार-बार ना कहना भले ही अच्छा ना लगे परन्तु बच्चे के समुचित विकास के लिए यह अति आवशयक है। आजकल के बच्चे बहुत समझदार है, उनको सीधे ना बोलना ठीक नहीं है परन्तु ज्यादातर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते की बच्चों को कैसे मना करें और इसी कारण बच्चे ज़िद, गुस्सा, निराशा, ला…

जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय जवानी (किशोरावस्था)

दोस्तों आज मैं आपसे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय जवानी (किशोरावस्था) के बारे में अपना नजरिया शेयर करुंगी। ये वो समय है जब हम अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेते है जिनपे की हमारा आगे का पूरा जीवन निर्भर करता है, जैसे कौन सी प्रोफेशनल स्टडी करें, आगे जॉब करें या व्यवसाय करे और शादी कब करें इत्यादि। निर्णय लेने के लिए हमें अपने आपको जानना जरुरी होता हैं की हम अपने आप से क्या चाहते है और हमें क्या चीज़ करने में ख़ुशी मिलती है। क्योंकि हो सकता है या कह लीजिये की होता ही है की हमारे माता पिता अपनी भावुक्ता के अनुसार हमें कुछ और बताएं करने के लिए और हमारे रिश्तेदार या समाज हमें कुछ और बताएं करने के लिए। क्योंकि ये जरुरी नहीं होता है कि हमारी उन चीज़ो में रूचि हो या हम उन चीज़ो के प्रति एम्बिशस हों। मैं आपसे यह नहीं कह रही कि आप अपने माता पिता या रिश्तेदार या समाज के खिलाफ जाएँ बल्कि आप अपने जीवन में क्या करना चाहते है आप के क्या सपने है उन्हें पुरे आत्मविश्वास के साथ अपने माता पिता को बताएं ताकि वह आपकी बात को समझें और आपके निर्णय में आपका सहयोग कर पाएं।
किशोरावस्था बचपन से हम किशोरावस्था स…

जीवन का सबसे सुन्दर समय बचपन

दोस्तों आज मैं इस आर्टिकल में आपसे जीवन के सबसे सुन्दर समय बचपन के बारे में अपना अनुभव शेयर करना चाहूंगी। उम्मीद है आपको पसंद आएगा। सुन्दर बचपन हमारा बचपन इस दुनिया के सतयुग के समान होता है। जब दुनिया अपनी बाल्यावस्था में थी तब सतयुग था। सतयुग याने सत्यताओं से भरा और झूठ कपट से रहित युग। हम जब पैदा होते है तो कोरी स्लेट की तरह अबोध, निर्दोष और भोले होते है। तब न हम अच्छे होते है न बुरे होते है, निर्विकल्प होते है,च्वाइस लेस होते है। बच्चा माँ का दूध पीकर मस्त हो जाता है हाथ पैर चलता है और किलकारियां भरता है। यह स्थिति आनन्द की है। वहां न सुख है न दुख है। यह स्थिति परमहंस होने पर होती है निर्विकल्प होने पर होती है हर बात से राजी रहने पर होती है, एक शिशु की तरह।

फिर जैसे जैसे हम बड़े होते है दुसरो के सम्पर्क में आते है हमें दुनिया की हवा लगती है वैसे वैसे हमारा भोलापन खोने लगता है हमारी निर्दोष स्थिति, हमारी आनन्दमय स्थिति बदलने लगती है हम सुख दुख का अनुभव करने लगते है और चुनाव करने लगते है। इच्छाए करने लगते है और धीरे धीरे चालाक होने लगते है। हमारे अनुभव हमे चालाक और बेईमान बनाते जाते…

9 होम फेस पैक (उबटन) विधि

सौन्दर्य की देखभाल और शृंगार में रूचि रखना नारी का स्वभाव है। आजकल अधिकांश महिलायें आधुनिक सौन्दर्य प्रसाधनो को उपयोग में लेती है जो महगें भी होते है और ये त्वचा के लिए उतने लाभदायक भी नहीं होते लेकिन अगर हम इन महगें प्रसाधनो के स्थान पर प्राकृतिक ढंग से, प्राकृतिक साधनों का उपयोग करें तो हमें ज्यादा लाभ होगा और हमारी त्वचा भी स्वस्थ और सुन्दर रहेंगी। किशोर अवस्था में जब लड़कियों का शरीर विकसित हो रहा होता है, यौवन का आरम्भ हो रहा होता है तब ऐसे समय में ही उन्हें प्राक्रतिक ढंग से अपने सौन्दर्य की देखभाल करनी चाहिए। आज में अपने इस आर्टिकल में आपको 9 होम फेस पैक (उबटन) बनाने की कुछ लाभप्रद घरेलू विधिया बताने जा रहीं हूँ जो की इस प्रकार हैं।
बेसन फेस पैक (उबटन) बनाने की विधि  यह बहुत प्रचलित और सुपरिचित उबटन है। 2 बड़ा चम्मच बेसन, 1 चम्मच सरसों का तेल और जरा सा दूध। बेसन में दूध और तेल डालकर मिक्स कर लें और इस उबटन को शरीर पर लगा कर थोड़ा सूखने दे फिर हाथों से मसलें। यह उबटन मैल के साथ बत्तियों के रूप में छूट जाएगा।  जौ फेस पैक (उबटन) बनाने की विधि    2 बड़े चम्मच जौ का आटा, 1 चम्मच गिल्सर…

गिट्स का बादाम पिस्ता फलूदा

दोस्तों आपने गिट्स कम्पनी की कई चीज़े ट्राई करी होंगी उनमें से ही एक है गिट्स का बादाम पिस्ता फलूदा ये एक स्वीट डिश है जो की कुछ मिनटों में बन जाती है और इसको बनाना बहुत ही आसान है। तो आज हम जानेंगे इसको बनाने की विधि जो की में घर पर ट्राई कर चुकी।
समय  15-20 मिनट  सर्विंग  5 मीडियम ग्लास  गिट्स का बादाम पिस्ता बनाने की विधि (1)  एक बर्तन में 1200 मिली दूध और 200 मिली पानी मिलाए और मध्यम आँच पर इसे गुनगुना होने तक गर्म करें। 
(2)  पैक की सामग्री को दूध में डालकर लगातार हिलाते हुए 10 से 12 मिनट या मिश्रण गाड़ा हो जाने तक उबालें और बाद में ठंडा होने दे।  
(3)  ठंडा होने के लिए रेफ्रिजरेटर में रख दे (डीप फ्रीज़र में न रखें ) और आपका बादाम पिस्ता फलूदा परोसने के लिए तैयार है।  
आपने मेरे इस आर्टिकल को पड़ा इसके लिए में आपका हार्दिक धन्यवाद करती हूँ। इसमें दिए गए व्यंजन की विधि को घर पर जरूर बना कर देखें और नीचे दिए गए कमेंट में सूचित करने की कृपा करें। 😊😊

सोयाबीन के पकौड़े बनाने की विधि

सेहत बनाने के लिए सोयाबीन का प्रयोग अवश्य किया जाना चाहिए। बादाम इतनी मंहगी हो गई है की सभी उसका सेवन करने में समर्थ नहीं। इसकी तुलना में सोयाबीन इतना सस्ता है की ज़मीन आसमान का फर्क है।फिर मज़े की बात यह है की सोयाबीन सस्ता होते हुए भी प्रोटीन के मामले में बादाम की अपेछा लगभग दुगना बैठता है।बादाम में प्रोटीन की मात्रा 20% होती है तो सोयाबीन में 43% याने दुगनी से भी ज्यादा। सोयाबीन विविध प्रकार से खाया जा सकता है इसके सेवन से शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इसलिए सोयाबीन का सेवन कीजिए और स्वास्थ्य का आनंद लीजिए। तो आज में अपने इस आर्टिकल में सोयाबीन के पकौड़े की विधि बताने जा रही हूँ।
सामग्री 100   ग्राम सोयाबीन 250   ग्राम बेसन 400   ग्राम सोयाबीन का तेल नमक स्वादनुसार आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च अजवायन आवश्यक्तानुसार सौंफ आवश्यक्तानुसार 2 हरी मिर्चहरा धनिया स्वादनुसार  हींग आवश्यकतानुसार  सोयाबीन के पकौड़े बनाने की विधि 12 घंटे पूर्व सोयाबीन पानी में गला दें।  इसे मोटा पीस कर इसका दूध (रस) निचोड़ कर निकाल दें और फिर इसमें बेसन मिला दें।  सभी मसाले उचित अनुपात में मिलाकर इसे अच्…

नारियल के रसगुल्ले

नारियल हमारी स्किन के लिए बहुत अच्छा माना जाता हैं।  इसे खाने के बहुत से फायदे है और इससे बनने वाले व्यंजन भी बहुत स्वादिष्ट बनते हैं  आज में अपने इस आर्टिकल में आपको नारियल के रसगुल्ले घर पर ही कैसे बना सकते हैं इसकी विधि बताऊगी।
सामग्री
250 ग्राम नारियल का बुरा 100 ग्राम खोया 100 ग्राम मैदा 200 ग्राम चीनी तेल, तलने के लिए गुलाब जल या केवड़ा  नारियल के रसगुल्ले बनाने की विधि 
नारियल किस कर कढाही में भून लें और खोया भी अलग से भून लें।ठंडा होने पर दोनों को अच्छी तरह मिलाकर छोटी-छोटी रसगुल्ले जैसी गोलियां बना ले मैदे का गाड़ा घोल तैयार कर लें।तलने के लिए घी कढ़ाही में डालकर गैस पर गर्म करें। शक़्कर की एक तार की चासनी तैयार कर लें।अब गोलियों को मैदे के घोल में डालकर निकाले व घी में गुलाबी तलकर चाशनी में डाल दे।इसमें गुलाब जल या केवड़ा डालने से मनमोहक खुशबू आ जायगी। यह रसगुल्ले बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक है।एक बार बनाकर देखें।
आपने मेरे इस आर्टिकल को पड़ा इसके लिए में आपका हार्दिक धन्यवाद करती हूँ। इसमें दिए गए व्यंजन की विधि को घर पर जरूर बना कर देखें और नीचे दिए गए कमेंट में सूचित करने की…

झटपट खोया बर्फ़ी बनाने की विधि

आज में आपको खोए से बनी बर्फी बनाने का आसान तरीका बताने जा रही हूँ जो की बहुत सरल है। होली के त्यौहार पर हम बहुत से व्यंजन बनाते है पर आज इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सबके पास समय कम होता है और त्यौहार के दिन तो और ज्यादा काम होते है इसलिए हम जल्दी बनने वाले व्यंजन बनाना चाहते है तो आइये हम घर पर ही दूध, इलायची और गुलाब जल का स्वाद लिए झटपट खोया बर्फी बनाने की विधि जानते है।

तैयारी का समय :  05 मिनट
पकाने का समय :  12-15 मिनट
सर्विंग साइज़ :  5
सामग्री 250 ग्राम खोया कद्दूकस किया हुआ (शक्कर रहित)50 ग्राम शक़्कर 8 मिली गुलाब जल 1/2 टीस्पून हरी इलायची पाउडर 1/2 टीस्पून घी पिघला हुआ ट्रे को ग्रीस करने के लिए  सजाने के लिए20 ग्राम पिस्ता, ब्लांच करके छिलके उतारकर बारीक़ कटे हुए।    झटपट खोया बर्फी बनाने की विधि भारी तली वाले पैन में कद्दूकस किया हुआ खोया डाले, चार से पांच मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाए।  शक़्कर, इलायची पाउडर और गुलाब जल डालकर 8 मिनट तक धीमी आंच पर पकाए, बीच-बीच में चलाते रहे।जब मिश्रण एकसार या चिकना हो जाए तो गैस बंद कर दे।  एक ट्रे पर घी लगाए अब इसी ट्रे में बर्फी के मिश्रण …

पाँच तरह के अनाज से थाली पीठ बनाने की विधि

आज में आप को नाश्ते में बनाने वाले पौष्टिक व्यंजन के बारे में बताने जा रही हूँ जो की खाने में भी स्वादिष्ट होता है। इस पाँच अनाज से बने थाली पीठ से करें खाने की शुरुआत।
सामग्री 100 - ग्राम गेहूँ। 100 - ग्राम चने 100 - ग्राम ज्वार  100 - ग्राम चावल100 - ग्राम मक्का 50 - ग्राम मूंगफली के दाने। 250 - ग्राम तेल। नमक स्वादनुसार लाल मिर्च स्वादनुसार 2 हरी मिर्च हरा धनिया आवश्यक्तानुसार हल्दी आवश्यकता अनुसार।  थाली पीठ बनाने की विधि पांचो अनाज भूनकर पीस लें (अगर अनाज कच्चा न हो तो पांचो अनाज का आटा भी लें सकते है) और मिला लें (अगर आटा लें रहे है तो पहले पांचो अनाज के आटे को मिलाले फिर भूने) इस मिश्रण के आटे में 2 चम्मच तेल का मोयन दे कर सब मसालें मिलाकर गरम पानी से पूरी के आटे की तरह गूंध लें। दो बडे रोट बराबर दो भाग करके बनाकर तवे पर पराठों की तरह धीमी आंच पर सेंक लें। इसके 2 टुकड़े करके टमाटर की चटनी के साथ परोसें।यह न सिर्फ स्वादिष्ट व्यंजन ही है बल्कि अत्यधिक पौष्टिक आहार भी हैं।  ये भी देखें : लौकी से बने तीन तरह के व्यंजन 
आपने मेरे इस आर्टिकल को पड़ा इसके लिए में आपका हार्दिक धन्यवाद …

मावा अंजीर गुझिया - होली के पकवान

होली का त्यौहार आने वाला है और गुझिया की बात न हो ऐसा हो नहीं सकता। आपने मावा (खोया) की गुझिया तो बहुत बार बनाई होगी पर आज में आपको इस आर्टिकल में मावा और अंजीर की बनी गुझिया की विधि बताने जा रही हूँ।

तैयारी का समय :  40 मिनट  पकने का समय :   15-20 मिनट  सर्विंग साइज़ :  06  सामग्री11/2  कप मैदा 6  टीस्पून घी 30  मिली पानी तेल तलने के लिए  भरने के लिए 250 ग्राम कद्दूकस किया हुआ खोया (बिना शक्कर वाला) 75 ग्राम सूखे अंजीर, ब्लांच करके काटा हुआ।30 ग्राम खजूर, बीज निकालकर काटा हुआ।1/4 टेबल स्पून शहद10 ग्राम पिस्ता, बारीक़ कटे हुए। 10 ग्राम बादाम, बारीक कटे हुए।  10 ग्राम अखरोट 4 मिली गुलाब जल 1/2 टीस्पून हरी इलायची पाउडर  सजाने के लिए 20 ग्राम पिस्ता, ब्लांच करके छिलके निकालकर बारीक़ कटे हुए 12 गुलाब की सूखी पंखुडिया 1/2 टेबलस्पून शहद और दालचीनी सिरप  बनाने की विधि गुझिया का आटा बनाने के लिए एक बाउल में मैदा लें और उसमें घी डालकर हाथों से तब तक मसलें, जब तक आटा बंधने न लग जाए। अब मिश्रण में ठंडा पानी डालकर एक सख्त आटा गूंध लें। फिर गीले कपड़े से इसे ढके और 20 मिनट के लिए रख दे।एक गहरी तलीवा…