जावित्री
Mace 

सौंफ 
Fennel 

राई, सरसों 
Mustard Seeds 

मोटी इलायची 
Black  Cardamom 

साबुत धनिया 
Coriander Seeds

आमचुर 
Mango Powder

गरम मसाला 
A Spice Blend 

मेथी पाउडर 
Fenugreek Powder 

अजवाइन 
Carom Seeds 

जीरा 
Cumin Seeds, White 

शाह जीरा 
Cumin Seeds, Black 


लाल मिर्च 
Red Chilli Powder 



साबुत काली मिर्च 
Peppercorns 

केसर 
Saffron 

अदरक 
Ginger 

सूखी लाल मिर्च 
Red Chillies, Dried 

लौंग
Clove 

जायफल 
Nutmeg 


इलायची 
Cardamom Pods 


दालचीनी 
Cinnamon 


तेज पत्ता
Bay Leaves 


हींग 
Asafoetida 


कसूरी मेथी 
Fenugreek Leaves, Dried 


 कलौंजी 
Nigella Seeds 


चकरी फूल 
Star Anise 


मेथी दाना 
Fenugreek Seeds 


लहसुन 
Garlic 


करी पत्ता 
Curry Leaves 


ये भी देखे : संस्कार 

homer Remedice For healthy heart

आजकल की लाइफ स्टाईल सबसे बड़ा कारण है हार्ट प्रॉब्लम का इसलिए सबसे पहले अपनी लाइफ स्टाइल को सही करना अतिआवश्यक है।समय से उठना समय से खाना और समय से सोना अतिआवश्यक है।ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है की पौष्टिक भोजन करें, तनाव और क्रोध से दूर रहें, मॉर्निंग वॉक पर जाए और हो सके तो मेडिटेशन भी जरूर करें।

ह्रदय (दिल) को स्वस्थ रखने के घरेलू उपचार 

  • एक आधा छोटा चम्मच अगर का चूर्ण और एक चम्मच शहद को मिलाकर सुबह या शाम एक टाइम लेने से ह्रदय स्वस्थ होता है और ह्रदय की दुर्बलता दूर होती है। 
  • 500 मिली दूध में 10 ग्राम गुड़ व 10 ग्राम अर्जुन की छाल का चूर्ण मिलाकर एक बर्तन में पका लें और इसे रत को सोते समय पिए इससे ह्रदय स्वस्थ रहता है और इसे पीने से ह्रदय की दुर्बलता भी दूर होती है। 
  • मिश्री और आंवला को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को 5 ग्राम की मात्रा में रोज सेवन करने से ह्रदय संबंधी समस्त रोग दूर होते है। 
  • ह्रदय (दिल) के रोगी को भोजन को नियमित रूप से लेना भी सबसे बड़ा घरेलू उपचार है। 
  • अगर ह्रदय रोगी का वजन ज्यादा हो तो सबसे पहले उसे अपना वजन कम करना चाहिए।ह्रदय रोगी को उपवास से बचना चाहिए। 
  • ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए रोगी को चाहिए की वह कैल्शियम, सोडियम, विटामिन बी-1 युक्त आहार ही लें। 
  • ह्रदय के रोगी को सब्जियों के रस, किशमिश, अंजीर, गाय का ताजा दूध, सब्जियों के सूप और फलों के रस का सेवन करना चाहिए। 
नोट किसी भी उपचार में दी गई किसी चीज से अगर आपको एलर्जी हो तो वो उपचार आप मत करें।और ध्यान रखें की ह्रदय रोग जिस व्यक्ति को हो वो उपवास न ही करे तो ज्यादा अच्छा होगा। 


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विटामिन ' डी ' की कमी से होने वाली बीमारियां, उपयोगिता और प्राप्ति के साधन
विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी तत्व है।ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक है।विटामिनयुक्त भोजन लेने से हमारे शरीर में संतुलन बना रहता है और अंग स्वस्थ रहते है।इनकी कमी से कई प्रकार के रोग हो जाते है।भोजन पचाने और शरीर को शक्ति देने में यह बहुत सहायक है।

विटामिन ' डी ' की उपयोगिता और प्राप्ति के साधन 

विटामिन ' डी ' में दो तरह के अलग-अलग रासायनिक तत्व है।यह दोनों तत्व सूर्य की किरणों के प्रभाव से परिवर्तित होकर निर्मित होते है।पहला तत्व वनस्पति से निर्मित होता है और दूसरा जीवित व्यक्तियों की त्वचा में।इन दोनों तत्वों के सम्मिलित रूप को विटामिन ' डी ' की संज्ञा दी गई है।वसा के कणों के साथ इसका भी आंतो में अवशोषण होता है और लीवर, गुर्दे, एड्रिनल ग्रंथि तथा अस्थियों में संचय होता है।यहां से जरूरत के अनुसार शरीर के अवयवों की कोशिकाओं में प्रवेश करता रहता है।विटामिन ' डी ' न तो ऑक्सीजनीकरण से नष्ट होता है और न पकाने से।

विटामिन ' डी ' की उपयोगिता :यह विटामिन खून में कैल्शियम की मात्रा को नियमित रखता है और खून में क्षारीय फॉसफेरेज
एंजाइम को नियमित रूप से बनाये रखता है।यह विटामिन कैल्शियम और फास्फोरस के विशेषण में सहायता करता है।ताकि हड्डियों और दांतो को खनिज पदार्थ इच्छित मात्रा में मिल सकें।

प्राप्ति के साधन :विटामिन ' डी ' का सबसे महत्वपूर्ण साधन धूप है।प्रतिदिन धूप अवश्य लेनी चाहिए क्योंकि धूप लेने से विटामिन में ' डी ' की पूर्ति होती है।यह शरीर में निर्मित होने की क्षमता रखता है।विटामिन ' डी ' का साधन मछली के तेल, दूध, अंडे, मक्खन आदि में पाया जाता है।

विटामिन ' डी ' से होने वाली बीमारियां 

  • इसकी कमी होने से दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। 
  • डायबटीज होने का खतरा रहता है। 
  • हड्डियां कमजोर हो सकती है और कैंसर जैसी बीमारी का भी खतरा बना रहता है। 
  • हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर संबंधित बीमारी होने का भी डर रहता है। 
  • विटामिन ' डी ' की कमी से बच्चे रिकेट्स बीमारी से पीड़ित हो जाते है, इस बीमारी में अस्थियां कमजोर हो जाती है और मुड़ जाती है।जोड़ो पर सूजन, घुटनों का अधिक अलगाव, रीद की हड्डी में टेढ़ापन और दांतो का देर से निकलना। 
ये भी देखें : हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू इलाज

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विटामिन ' के ' की उपयोगिता और प्राप्ति के साधन

विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी तत्व है।ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक है।विटामिनयुक्त भोजन लेने से हमारे शरीर में संतुलन बना रहता है और अंग स्वस्थ रहते है।इनकी कमी से कई प्रकार के रोग हो जाते है।भोजन पचाने और शरीर को शक्ति देने में यह बहुत सहायक है।

 विटामिन ' के ' की  उपयोगिता और प्राप्ति के साधन 

विटामिन ' के ' हमारे लिए उतना ही जरूरी है जितना की जीवित रहने के लिए हमारा सांस लेते रहना।यह विटामिन सूर्यताप और प्रकाश से नष्ट हो जाता है।पर यह आंतो में निर्मित होता रहता है।इसलिए इसकी आवश्यकता बहुत कुछ अपने आप पूरी होती रहती है। 

विटामिन ' के ' की उपयोगिता : विटामिन ' के ' रक्त को जमाने का काम करता है।अगर इस विटामिन की कमी हो जाये तो रक्तस्त्राव (खून का बहाव) को रोकना मुश्किल हो जाता है।ये विटामिन लीवर को भी स्वस्थ रखता है।यह ग्लूकोज को कोशिकाओं की झिल्ली में प्रवेश कराने में और ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में परिवर्तित करने में भी मददगार होता है। 

प्राप्ति के साधन : विटामिन ' के ' हरी साग-सब्जियों, अंडे की जर्दी, टमाटर, सोयाबीन, आलू, गोभी, छिलकेयुक्त अनाज  और मक्खन से मिल जाता है। 

विटामिन ' के ' की कमी से होने वाली समस्याएं 

  • विटामिन ' के ' की कमी होने से हड्डियों को कमजोर करने वाली बीमारी हो जाती है जिससे की हड्डियां कमजोर और खोखली हो जाती है।45 से ज्यादा उम्र की लोगों को विटामिन के का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।
  • विटामिन ' के ' की कमी होने से व्यक्ति को हार्ट की समस्या का भी हो सकती है क्योकि विटामिन ' के ' का  संबंध रक्त से होता है और रक्त को पंप करने का काम हार्ट का है। 
  • विटामिन ' के ' की कमी होने पर आपको लगने वाली हर छोटी या बड़ी चोट पर बहने वाला रक्त (खून) रोकना मुश्किल हो जाता है क्योकि इसकी कमी सीधे ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया पर असर डालती है। 

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विटामिन ' ए ' से होने वाले स्वास्थ्य लाभ

विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी तत्व है।ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक है।विटामिनयुक्त भोजन लेने से हमारे शरीर में संतुलन बना रहता है और अंग स्वस्थ रहते है।इनकी कमी से कई प्रकार के रोग हो जाते है।भोजन पचाने और शरीर को शक्ति देने में यह बहुत सहायक है।

विटामिन ' ए ' से होने वाले स्वास्थ्य लाभ 

इसे " वृद्धिकारक विटामिन " विटामिन भी कहा जाता है।यह शरीर में कैरोटीन नामक पदार्थ से बनता है।कैरोटीन वनस्पतियों से हमारे शरीर में पहुंचता है।यह कैरोटीन शरीर में पहुंचकर रस विशेष द्वारा विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है। 

विटामिन ' ए ' की प्राप्ति के साधन : दूध, अंडा, मक्खन,हरी सब्जियां, पपीता, आम, गाजर, टमाटर, ताजे फल, काजू, बादाम, अखरोट। 
  1. शरीर की वृद्धि के लिए विशेषकर छोटे बच्चों तथा गर्भस्थ शिशुओं के लिए यह बहुत जरूरी है।इसकी कमी होने से पूर्ण विकास में बाधा पड़ती है। 
  2. विटामिन ' ए ' आँखों को लाभ पहुंचाता है इसकी कमी होने से आंखे कमजोर हो जाती है। 
  3. त्वचा के कोषों को भी विटामिन ' ए ' की आवश्यकता होती है।
  4. यह त्वचा की कोमलता और स्निग्धता को बनाए रखता है।
  5. विटामिन ' ए ' की कमी से स्नायुविक तंतुओ पर बुरा प्रभाव पड़ता है तथा पायरिया और पथरी रोग होने का डर रहता है। 
  6. विटामिन ' ए ' की कमी होने पर खांसी, जुकाम, निमोनिया तथा श्वास-पथ के अन्य रोग हो जाते है। 
ये भी देखे : खुजली (खारिश) रोकने के घरेलू उपचार

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 5 Natural Home Remedies to Cure Headache

दोस्तों आज में आपको इस आर्टिकल में सामान्य सिरदर्द दूर करने के 5 घरेलू उपचार बताउंगी।ये बहुत ही इजी उपचार है और लाभकारी भी है।ये उपचार मेरी दादी-नानी के बताये हुए है।जो की में आप लोगों के साथ शेयर कर रही हूँ।
  1. 1 कप दूध में पीसी इलायची मिलाकर पीने से सिरदर्द में आराम मिलता है। 
  2. अगर तेज गर्मी की वजह से सिरदर्द हो तो तुलसी के पत्तो को पीसकर सिर पर लेप करने से राहत मिलती है। 
  3. अगर सिरदर्द गैस की वजह से है तो गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने से सिरदर्द दूर होता है। 
  4. अगर सिरदर्द सर्दी जुकाम की वजह से है तो साबूत धनिया और मिश्री का काढ़ा बनाकर पीने से जल्द आराम मिलता है। 
  5. गुड़ को पानी में घोलकर फिर छान लें और इस पानी को पी ले इससे भी सिरदर्द में आराम मिलता है। 
ये भी देखें : दांत दर्द में घरेलू उपचार 

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Swati Kapoor

{picture#https://2.bp.blogspot.com/-pC-qQmjwR60/XI-zwruWIEI/AAAAAAAAAFE/pm5xXyXjCTAIp9lrckrDZqejRSLctErhQCPcBGAYYCw/s1600/swati-kapoor-blogger.jpg} Swati Kapoor is the author of this blog. She is a passionate blogger and loves to share her knowledge as she believes in "When you learn, teach. When you get, give." {facebook#https://www.facebook.com/SwatiKapoorCom-410409129778314} {twitter#https://twitter.com}
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